टौणीदेवी(हमीरपुर)। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला (उत्कृष्ट) टौणी देवी के कॅरिअर काउंसलिंग सेल ने दसवीं कक्षा के 69 विद्यार्थियों के लिए विशेष सेमिनार का आयोजन किया। प्रधानाचार्य रजनीश रांगड़ा ने कहा कि अपनी रुचि और योग्यता का आकलन करना तथा कॅरिअर की आवश्यकताओं को समझते हुए उस दिशा में निर्णय लेना अत्यंत आवश्यक है। यदि कोई विद्यार्थी केवल अपनी रुचि के आधार पर कोई स्ट्रीम चुनता है लेकिन उसके पास उस क्षेत्र के लिए आवश्यक कौशल और क्षमताएं नहीं हैं, तो भविष्य में उसे कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए छात्रों को चाहिए कि वह आत्मनिरीक्षण करें कि वह किन क्षेत्रों में स्वाभाविक रूप से अच्छे हैं और किन क्षेत्रों में उन्हें कठिनाई होती है। उन्होंने कहा कि कॅरिअर का चयन केवल वर्तमान के आधार पर न करें, बल्कि भविष्य की संभावनाओं, अपनी क्षमताओं और रुचि को ध्यान में रखकर करें और कॅरिअर का चयन करने से पहले अपने सीनियर्स, अध्यापकों या माता-पिता तथा अभिभावकों की राय अवश्य लें।
सेल के नोडल अधिकारी बलबीर कुमार ने कहा कि कई बार छात्र झुंड मानसिकता (हर्ड मेंटालिटी) के दबाव में आकर अपने मित्रों के प्रभाव में वैसी स्ट्रीम चुन लेते हैं, जो उनकी रुचि और क्षमता के बिल्कुल विपरीत होती है। हालांकि ऐसा करना पूरी तरह गलत है और इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं।