नगर निगम हमीरपुर के वार्ड सात में प्रस्तावित था नाले के चैनलाइजेशन
20 लाख रुपये की लागत से होना था कार्य
चैनलाइजेशन के बाद पार्क, सामुदायिक भवन बनाने की थी योजना
निगम बनने के बाद नहीं लगा टेंडर, बरसात में घरों में घुसता है नाले का गंदा पानी
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। उच्च दर्जा मिलने के बाद हमीरपुर शहर में विकास थम गया है। नगर परिषद के कार्यकाल के दौरान प्रस्तावित निर्माण फाइलों में दफन हो गए हैं। निर्माण कार्य कब शुरू होंगे, किसी को इसकी जानकारी नहीं है।
नगर निगम हमीरपुर के वार्ड सात में नाले के चैनलाइजेशन का कार्य फाइलों में उलझा गया है। एनआईटी कालोनी में प्रस्तावित चैनलाइजेशन कार्य को लेकर तत्काल नगर परिषद अधिकारियों ने 20 लाख रुपये की प्रपोजल भेजी थी। शहरी विकास विभाग की ओर से मंजूरी मिलने के बाद निर्माण कार्य के लिए दो चरणों में टेंडर आवंटित होना था लेकिन निगम के गठन के बाद टेंडर नहीं लगा और कार्य बजट मंजूरी तक ही सीमित रह गया है।
वार्ड सात के निवासियों संतोष सोनी, अशोक सोनी, संसार सिंह, कर्नल एडी शर्मा, विजय कुमार, अशोक शर्मा और चेत राम आदि ने कहा कि वार्ड सात में एनआईटी कालोनी के समीप नाले से बरसात के दौरान काफी दिक्कत होती है। बारिश के दौरान नाले का गंदा पानी घरों में घुस जाता है। इससे लोगों को काफी परेशान होना पड़ता है। ऐसे में एक वर्ष पूर्व नाले के चैनलाइजेशन को लेकर मांग की गई थी।
नगर परिषद के अधिकारियों ने नाले चैनलाइजेशन के लिए 20 लाख रुपये की प्रपोजल भेजी थी। इसमें चैनलाइजेशन के बाद पार्क का निर्माण, ओपन एयर जिम और सामुदायिक भवन और पार्किंग का निर्माण प्रस्तावित था। विभाग की ओर से बजट जारी करने के बाद भी टेंडर आवंटित नहीं किया गया। इससे निर्माण कार्य अधर में रुक गया है। उन्होंने निगम से समस्या का समाधान करने की मांग की है।
कोट
चैनलाइजेशन कार्य को लेकर 20 लाख रुपये की प्रपोजल भेजी थी। शहरी विकास विभाग की ओर से मंजूरी मिलने के बाद निर्माण कार्य के लिए दो चरणों में टेंडर आवंटित होना था, लेकिन निगम के गठन के बाद टेंडर नहीं लगा और कार्य बजट मंजूरी तक ही सीमित रह गया है। -मनोज मिन्हास, पूर्व अध्यक्ष, वार्ड पार्षद, नगर परिषद हमीरपुर