संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। पंचायत समिति हमीरपुर की बैठक में लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के नदारद रहने पर पांच रुपये जुर्माने की सिफारिश पर समिति के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष आमने-सामने आ गए हैं।
पंचायत समिति हमीरपुर के उपाध्यक्ष संजीव शर्मा का दावा है कि जुर्माने की सिफारिश का कोई प्रस्ताव बैठक में पारित नहीं हुआ है, जबकि पंचायत समिति हमीरपुर के अध्यक्ष हरीश शर्मा का दावा है कि जुर्माने की सिफारिश की गई और इसे बैठक की लिखित कार्यवाही में डाला गया है।
बीते सोमवार को पंचायत समिति हमीरपुर की बैठक बीडीओ कार्यालय हमीरपुर के सभागार में आयोजित हुई थी। इस बैठक के दौरान लोक निर्माण विभाग मंडल टौणीदेवी के अधिकारी नहीं पहुंचे थे। बैठक में जब विभाग से जुड़े सवाल सामने आए तो संबंधित अधिकारी के मौजूद न होने पर कोई जवाब नहीं मिला।
इस दौरान अध्यक्ष हरीश शर्मा की ओर से सदन के ध्यान में लाया गया कि इससे पूर्व भी कई बैठकों में संबंधित विभाग के अधिकारी नदारद रहे हैं। ऐसे में इस मामले में कार्रवाई की जानी चाहिए।
इस दौरान उन्होंने जुर्माना लगाने की सिफारिश भी की। बाद में इस विषय को लेकर विभाग को नोटिस जारी करने की बात कही गई। दरअसल पंचायत समिति हमीरपुर के अध्यक्ष हरीश शर्मा भाजपा समर्थित हैं, जबकि उपाध्यक्ष संजीव शर्मा कांग्रेस से ताल्लुक रखते हैं।
ऐसे में अकसर दोनों में फैसलों पर एकमत राय कम ही बनती है। अब ताजा मामले में दोनों एकमत नहीं हैं।