फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सीजीबीएम तकनीक का पीएमजीएसवाई-4 में होगा प्रयोग : विक्रमादित्य

Wed, 28 Jan 2026 01:17 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
विज्ञापन
एनआईटी में लोक निर्माण विभाग के इंजीनियरों के लिए राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के तहत आयोजित एक दि
विज्ञापन
हमीरपुर। लोक निर्माण और शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि पीएमजीएसवाई-4 का पैकेज मंजूर हो गया है। इस पैकेज में सीमेंट ग्राउटेड बिटुमिनस मिक्स (सीजीबीएम) का प्रयोग किया जाएगा। इससे सड़क पांच से छह वर्ष नहीं, बल्कि दस वर्ष तक टिकेगी।
विज्ञापन

विक्रमादित्य सिंह मंगलवार को यहां एनआईटी में लोक निर्माण विभाग के इंजीनियरों के लिए राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के तहत आयोजित कार्यशाला के समापन सत्र को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने बताया कि पीएमजीएसवाई-4 के तहत प्रदेश में 294 सड़कों का निर्माण होगा। इसके लिए 2247 करोड़ केंद्र और प्रदेश सरकार की ओर से खर्च होंगे।
केंद्र सरकार को प्रपोजल भेजा गया है कि इन सड़कों के निर्माण में आधुनिक सीमेंट ग्राउटेड बिटुमिनस मिक्स (सीजीबीएम) का प्रयोग किया जाए, ताकि सड़कें लंबे समय तक टिकें। उन्होंने कहा कि प्रदेश में समय आ गया है कि जैसे-तैसे सड़क निर्माण की बजाय अब सुरक्षित सड़कों के निर्माण को तवज्जों दी जाए। इस दौर में कनेक्टिविटी से ज्यादा सेफ्टी जरूरी है।
विज्ञापन

उन्होंने कहा कि जल्द ही प्रदेश सरकार इसके लिए नीति का निर्माण भी करेगी। अब तकनीक से समझौता नहीं किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि सड़कों के निर्माण के साथ-साथ इन पर चलने वाले वाहनों एवं पैदल यात्रियों की सुरक्षा का भी विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। इनकी जान सर्वोपरि है।
इस अवसर पर लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता एनपी सिंह ने विक्रमादित्य सिंह का स्वागत किया तथा कार्यशाला के उद्देश्यों की विस्तृत जानकारी दी। इससे पहले, सुबह के उदघाटन सत्र में हमीरपुर जोन के मुख्य अभियंता विजय चौधरी ने सभी वक्ताओं, वरिष्ठ अधिकारियों और प्रतिभागियों का स्वागत किया तथा कार्यशाला के संबंध में विस्तृत जानकारी दी।
कार्यशाला के विभिन्न सत्रों के दौरान पीडब्ल्यूडी, एनएच, एनएचएआई, मोर्थ और सड़क निर्माण एवं सड़क सुरक्षा से जुड़े कई अन्य विशेषज्ञों एवं वरिष्ठ अधिकारियों ने महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं। उन्होंने सड़क दुघर्टनाओं से संबंधित डाटा, इनके कारणों और इन्हें रोकने के उपायों पर व्यापक चर्चा की। कार्यशाला में पीडब्ल्यूडी के सभी जोनों के मुख्य अभियंता और अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।
हिमाचल के अच्छे दिन आएंगे
मंत्री ने कहा कि प्रदेश को आर्थिक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन इससे घबराने की आवश्यकता नहीं है। हिमाचल प्रदेश इन आर्थिक चुनौतियों से बाहर निकलेगा। जल्द हिमाचल के अच्छे दिन आएंगे। विभागीय अधिकारियों की ओर से पेश रिपोर्ट में कई गंभीर आंकड़े भी पेश किए गए। इंटरनेशनल रोड़ असेसमेंट प्रोग्रेम के अनुसार हिमाचल में प्रति एक लाख आबादी पर 18 लोगों की मौत पहले हो रही थी, लेकिन बीते वर्ष यह आंकड़ा 11 हुआ है। आमने सामने की टक्कर की अधिक घटनाएं प्रदेश में पेश आ रही है। पैदल यात्रियों से टक्कर के मामले प्रदेश में सबसे अधिक कागड़ा में सामने आ रहे हैं।

एनआईटी में लोक निर्माण विभाग के इंजीनियरों के लिए राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के तहत आयोजित एक दि

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें