पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के पोस्टर हाथों में लेकर गांधी चौक हमीरपुर में नारेबाजी करते एन
हमीरपुर। गांधी चौक हमीरपुर में एनएसयूआई के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने भारतीय सेना के समर्थन में नारेबाजी की। इसके साथ पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के पोस्टर हाथ में लेकर पाकिस्तान के खिलाफ प्रदर्शन भी किया गया। इस दौरान सीज फायर को लेकर अमेरिका के हस्तक्षेप पर निराशा जाहिर की गई।
एनएसयूआई के प्रदेशाध्यक्ष टोनी ठाकुर ने पीओके पर कब्जा करने के लिए मौका गंवाने की बात कही है। टोनी ठाकुर ने कहा कि भारतीय सेना द्वारा देश की सुरक्षा के लिए की गई ताबड़तोड़ कार्रवाई ने पूरे देश में एक बार फिर साहस, संकल्प और राष्ट्रीय स्वाभिमान की भावना को प्रबल किया है।
अमेरिका के हस्तक्षेप पर भारत सरकार के सीज फायर के आदेश समझ से परे हैं। ऐसे समय में देशवासियों को भारत की लौह महिला इंदिरा गांधी की याद आ रही है। जिनकी दबंग छवि आज भी भारतीय राजनीति और इतिहास में मिसाल बनी हुई है।
उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी वह नेतृत्व थीं, जिन्होंने 1971 के युद्ध में पाकिस्तान को निर्णायक रूप से हराया और एक नए राष्ट्र बांग्लादेश के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी रणनीति, साहस और राजनीतिक दृढ़ता ने साबित कर दिया था कि भारत किसी से भी डरने वाला नहीं है। जब अमेरिका ने अपने सातवें बेड़े को हिंद महासागर में भेजा, तब भी इंदिरा गांधी नहीं झुकीं। यह भारतीय अस्मिता और संप्रभुता की रक्षा का अनुपम उदाहरण था। आज जब भारत आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई कर रहा है, तब पूरे देश को इंदिरा गांधी जैसे मजबूत और निडर नेतृत्व की याद आना स्वाभाविक है।