बड़सर (हमीरपुर)। बस चालकों की लापरवाही और मनमानी के चलते लोगों की सुरक्षा खतरे में पड़ गई है। हमीरपुर-बड़सर से एनएच-503ए पर बसें आमने-सामने इस तरह खड़ी होती हैं कि सड़क पर पैदल चलने के लिए भी जगह नहीं बचती।
इस दौरान लोगों को अपनी जान जोखिम में डालकर दोनों बसों के बीच से गुजरना पड़ता है, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। बस चालक सवारियां चढ़ाने और उतारने के लिए बीच सड़क पर ही अचानक ब्रेक लगा देते हैं, जिससे ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह चरमरा जाती है।
सुबह और शाम के समय जब बाजार में वाहनों का दबाव अधिक रहता है, तब स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। निजी बस चालक बिना किसी निर्धारित स्थान के सड़क के बीचों-बीच वाहन रोक देते हैं। इससे न केवल पीछे आ रहे वाहनों को अचानक ब्रेक लगानी पड़ती है, बल्कि कई बार टक्कर होने का खतरा भी बढ़ जाता है। दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं।
कई बार एंबुलेंस और जरूरी सेवाओं से जुड़े वाहन भी इस जाम में फंस जाते हैं, जिससे स्थिति और भी चिंताजनक हो जाती है। स्थानीय व्यापारियों और राहगीरों का कहना है कि यह समस्या लंबे समय से बनी हुई है, लेकिन अब तक इसका कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया है। बाजार में रोजाना लगने वाले जाम से कारोबार पर भी असर पड़ रहा है। लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में काफी देरी का सामना करना पड़ रहा है।
लोगों का आरोप है कि निजी बस चालक ट्रैफिक नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ा रहे हैं। पूरे मामले में पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में है। रोजाना जाम की स्थिति बनने के बावजूद पुलिस की ओर से कोई ठोस कार्रवाई होती नजर नहीं आ रही है।
निजी बस चालकों को सख्त निर्देश जारी किए गए हैं कि वे केवल निर्धारित स्थानों पर ही सवारियां चढ़ाएं और उतारें। नियमों का उल्लंघन करने वाले चालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और चालान किए जाएंगे। ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए क्षेत्र में निगरानी भी बढ़ाई जाएगी।
-लालमन शर्मा, डीएसपी बड़सर