हमीरपुर। एक-दूसरी पंचायत की देखादेखी अपनी पंचायत को बीपीएल मुक्त पंचायत बनाने की होड़ में पात्र परिवारों को बीपीएल सूची से हटाने पर उपायुक्त हमीरपुर ने गहरी नाराजगी जताई है। उपायुक्त हरिकेश मीणा ने इस बारे में खंड विकास अधिकारी के माध्यम से पंचायत सचिवों को सख्त हिदायत दी है। कहा कि अगर कोई दिव्यांग, गंभीर बीमारी से पीड़ित निर्धन पात्र परिवार बीपीएल सूची से हटाया तो संबंधित पंचायत सचिव के खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उपायुक्त ने यह चेतावनी बुधवार को उपायुक्त कार्यालय में पहुंची निर्धन परिवारों की फरियाद सुनने के बाद दी है। उन्होंने कहा कि ग्रामसभा की बैठक में भी परिवार की आर्थिक संसाधनों की अच्छी तरह से जांच-पड़ताल करने के बाद ही बीपीएल सूची से अपात्र परिवारों के नाम हटाए जाएं और उसकी जगह पात्र परिवारों के नाम सूची में जोड़े जाएं।
बुधवार को ग्राम पंचायत सौर उपतहसील भोटा से एक दिव्यांग अधेड़ व्यक्ति उपायुक्त के समक्ष शिकायत लेकर आया। भगवान दास पुत्र स्वर्गीय कांशी राम ने बताया कि वह दिव्यांग है और दिहाड़ी करने वाले छोटे बेटे के साथ परिवार में रहता है। परिवार में आय का कोई साधन नहीं है। बावजूद इसके पंचायत ने उनका नाम बीपीएल सूची से हटा दिया। उन्होंने उपायुक्त से इस संदर्भ में उचित कार्रवाई करने की गुहार लगाई। इससे पूर्व ग्राम पंचायत चमनेड़ में भी पात्र परिवारों को बीपीएल सूची से हटाने की शिकायत प्रशासन की पास पहुंची है। आए दिन जिला प्रशासन के पास इस तरह की शिकायतें पहुंच रही हैं। उपायुक्त हरिकेश मीणा ने कहा कि अगर गंभीर बीमारी से पीड़ित और दिव्यांग निर्धन पात्र परिवारों को बीपीएल सूची से जबरन हटाया तो पंचायत सचिव के खिलाफ कार्रवाई होगी। जिला उपभोक्ता संगठन के अध्यक्ष सुशील शर्मा, पंकज शर्मा, सौरभ सूद और जसवीर समेत प्रदीप ठाकुर ने उपायुक्त के फैसले को उचित बताते हुए इसकी प्रशंसा की है।