भोरंज (हमीरपुर)। प्रदेश सरकार लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया करवाने के दावे खोखले साबित हो रहे हैं। भोरंज अस्पताल में पिछले आठ महीने से खाली चल रहा हड्डी रोग विशेषज्ञ का पद अभी तक नहीं भरा गया है। आपात स्थिति में मरीजों को उपचार के लिए 25 किलोमीटर दूर हमीरपुर मेडिकल कॉलेज का रुख करना पड़ रहा है। इससे मरीजों का रंज (दुख) और बढ़ रहा है।
नागरिक अस्पताल भोरंज की दैनिक ओपीडी 450 के आसपास रहती है। क्षेत्र के हड्डी रोगों से पीड़ित मरीज अस्पताल में उपचार करवाने के लिए पहुंचते हैं। मगर उन्हें हड्डी रोग विशेषज्ञ के अभाव में बिना जांच करवाए लौटना पडता है या फिर 25 किलोमीटर दूर हमीरपुर मेडिकल कॉलेज में जाना पड़ता है। इससे मरीजों को कई प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
भोरंज क्षेत्र के लोगों में विजय सिंह, अनुपमा, प्रतीक, सुमन, हेमराज, विपिन और डिंपल आदि ने कहा कि सरकार घरद्वार बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने का दावा करती है। मगर धरातल पर हालात कुछ और ही हैं। रोजाना ओपीडी में जितने मरीज आते हैं, उनमें से लगभग दो दर्जन से अधिक मरीज हड्डी रोग से जुड़े होते हैं। मगर यहां इलाज नहीं मिलने पर मजबूरन निराश होकर लौटना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि कई बार स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों से विशेषज्ञ के खाली पद को भरने की मांग की गई है, लेकिन अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई। सरकार तत्काल अस्पताल में हड्डी रोग विशेषज्ञ की तैनाती करनी चाहिए, ताकि लोगों को उपचार के लिए इधर-उधर न भटकना पड़े और उन्हें स्थानीय स्तर पर ही बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं को लाभ मिल सके।
भोरंज अस्पताल में हड्डी रोग विशेषज्ञ का पद रिक्त है। इसके बारे में स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों और सरकार को सूचित किया जा चुका है। अस्पताल में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया करवाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
-डॉ. ललित कालिया, बीएमओ, भोरंज