बफड़ी पंचायत में मनरेगा के कार्य में लगी जेसीबी।
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हमीरपुर। विकास खंड बमसन में एक पंचायत में तकनीकी सहायक और पंचायत प्रतिनिधियों में टकराव के बाद अब एक अन्य पंचायत में हो रहे विकास कार्यों को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। ग्राम पंचायत बफड़ी में मनरेगा के तहत करवाए जाने वाले कार्यों में नियमों के विपरीत भारी मशीनरी के प्रयोग का मामला सामने आया है। जिस कार्य के लिए जेसीबी का प्रयोग किया गया है, उसके लिए पहले ही ग्राम पंचायत से मनरेगा के तहत साढ़े नौ लाख रुपये का शेल्फ पारित हो चुका है।
मनरेगा नियमावली के तहत जेसीबी मशीनरी का प्रयोग नहीं किया जा सकता। ग्राम पंचायत बफड़ी के उपप्रधान अश्वनी कुमार ने कहा कि मनरेगा स्कीम लोगों को घरद्वार पर रोजगार उपलब्ध करवाने के लिए बनाई गई है, ताकि ग्रामीणों का रोजगार के लिए दूसरे जिलों व राज्यों में पलायन न हो। उन्होंने कहा कि पंचायत के अंतर्गत स्कूल परिसर के जिस डंगे के कार्य के लिए जेसीबी का प्रयोग किया गया है, उसका मनरेगा में शेल्फ डाला गया है।
उपप्रधान ने कहा कि पंचायत के कई लोगों ने उनके पास आकर विरोध जताया है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और पंचायती राज विभाग से इस मामले की जांच की मांग उठाई है। उधर, पंचायत के सचिव अजय कुमार ने कहा कि स्कूल के डंगे के लिए मनरेगा में सेल्फ डाला गया है। मनरेगा में जेसीबी मशीनरी का प्रयोग वर्जित है।
वहीं, ग्रामीण विकास अभिकरण के उपनिदेशक एवं परियोजना अधिकारी केडीएस कंवर ने कहा कि मनरेगा के तहत जेसीबी का प्रयोग करना गलत है। उन्होंने कहा कि इस बारे में खंड विकास अधिकारी बमसन से रिपोर्ट मांगी जाएगी।