रंगस (हमीरपुर)। फर्जी बैंक लोन मामले में बैंक मैनेजर की मुश्किलें बढ़ गई हैं। आरोपी ने प्रदेश उच्च न्यायालय में अग्रिम जमानत के लिए अर्जी लगाई थी, लेकिन न्यायालय से वीरवार को जमानत नहीं मिल पाई। जिसके चलते पुलिस आरोपी बैंक मैनेजर को कभी भी गिरफ्तार कर सकती है। रंगस के रहने वाले राजेश कुमार ने ट्रैक्टर और जेसीबी मशीन खरीदने के लिए नादौन स्थित एक सहकारी बैंक से लोन के लिए आवेदन किया था। बैंक के मैनेजर ने 25.50 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत कर एजेंसी के खाते में लोन की राशि जमा करवा दी। लेकिन, राजेश कुमार के खाते में लोन की यह राशि जमा नहीं हुई।
इसके बाद पीड़ित ने बैंक प्रबंधक से इस मामले को लेकर कई बार पूछताछ की। लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। जिसके चलते पीड़ित ने नादौन पुलिस में धोखाधड़ी का मामला दर्ज करवाया। आरोपी व्यक्ति वर्ष 2013-14 में बैंक मैनेजर की ड्यूटी कर रहा था। पीड़ित को न लोन का पैसा मिला और न ही जेसीबी और ट्रैक्टर मिले। उधर, पुलिस थाना नादौन के प्रभारी प्रवीण राणा ने कहा कि इस मामले में दो अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया था। दोनों पुलिस रिमांड पर थे और अब उनकी जमानत हो गई है। जबकि बैंक मैनेजर फरार है। बैंक मैनेजर ने हाई कोर्ट में जमानत के लिए अर्जी लगाई थी जिस पर 12 मार्च को फैसला होना था, लेकिन जमानत नहीं मिली। अब 30 मार्च को अदालत में सुनवाई होगी। न्यायालय ने कहा है कि पुलिस जांच में बैंक प्रबंधक सहयोग करे और पूरे कागजात उपलब्ध करवाएं।