हमीरपुर डिपो को रोजाना 75 से 80 हजार रुपये का हो रहा नुकसान
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। दिल्ली में प्रदूषण की समस्या के कारण बीएस-4 टाइप की वाेल्वो बसें दिल्ली नहीं भेजी जा रही हैं, जिसका खामियाजा हिमाचल पथ परिवहन निगम को भुगतना पड़ रहा है।
इस प्रतिबंध को लगे एक महीने से अधिक का समय हो गया है, जिस कारण एचआरटीसी हमीरपुर डिपो को रोजाना 75 से 80 हजार रुपये का नुकसान झेलना पड़ रहा है। देश की राजधानी दिल्ली में प्रदूषण की समस्या के कारण नवंबर 2024 से ही बीएस-4 टाइप की वोल्वो बसों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया गया है। दिल्ली में केवल बीएस-6 टाइप की बसें ही जा रही हैं, जिस कारण हमीरपुर डिपो की एक बस भी वहां नहीं जा रही है।
हमीरपुर बस अड्डा से होते हुए कुल चार वोल्वो बसें दिल्ली के लिए जाती थीं। इनमें दो बसें पालमपुर डिपो, एक शिमला और एक हमीरपुर डिपो की शामिल हैं। अब मात्र एक वोल्वो बस ही बीएस-6 टाइप है, जिसे जाने की अनुमति है। यह बस शिमला डिपो की है, जिसकी समयसारिणी में भी बदलाव किया गया है। यह बस हमीरपुर डिपो से चलने बाली बस के समय पर चल रही है।
कोट
हमीरपुर बस अड्डा से होते हुए दिल्ली के लिए चार वोल्वो बसें जाती थीं। इनमें दो बसें पालमपुर डिपो, एक शिमला और एक हमीरपुर डिपो की है। एक महीने से अधिक समय से मात्र शिमला डिपो की एक बस ही जा रही है। इससे एचआरटीसी हमीरपुर डिपो को रोजाना 75 से 80 हजार रुपये का नुकसान हो आ रहा है।
-राजकुमार पाठक, डीएम, एचआरटीसी मंडल, हमीरपुर