राजकीय प्राथमिक स्कूलों में कार्यरत बीएड पैट अध्यापक डिप्लोमा कोर्स करने का इंतजार कर रहे हैं। शिक्षा विभाग अध्यापकों से दो साल पहले छह हजार रुपये प्रति अध्यापक कोर्स फीस ले चुका है।
बिना कोर्स से बीएड पैट अध्यापकों को नियमितीकरण का लाभ नहीं मिल पा रहा है। बीएड पैट अध्यापकों ने सरकार से डिप्लोमा कोर्स करवाने की मांग की है। शिक्षा विभाग ने वर्ष 2003 से 2005 में प्राथमिक स्कूलों में पैट अध्यापकों की नियुक्ति की है। विभाग बिना डिप्लोमा के पैट अध्यापकों से दो साल का कोर्स करवा रहे हैं।
बीएड पैट अध्यापकों के लिए छह माह का कोर्स था। बीएड पैट अध्यापकों का कहना है कि दो वर्ष पहले शिक्षा विभाग को छह हजार रुपये कोर्स फीस जमा करवा दी है, लेकिन अभी तक कोर्स के लिए नहीं बुलाया गया। प्रदेश में लगभग 1200 और हमीरपुर में 80 बीएड पैट अध्यापकों को कोर्स करवाया जाना है।
ये सब दो साल से डिप्लोमा कोर्स के इंतजार में हैं। बिना डिप्लोमा कोर्स के पैट अध्यापकों का दो साल कोर्स पूरा होने वाला है। शिक्षा विभाग की लेटलतीफी के चलते बीएड पैट अध्यापक नियमितीकरण से वंचित हो रहे हैं।
बीएड पैट अध्यापकों ने शिक्षा विभाग से डिप्लोमा कोर्स शीघ्र करवाने की मांग की है। राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष देश राज शर्मा का कहना है कि बीएड पैट अध्यापकों की ट्रेनिंग में विलंब देरी से नियमितीकरण में देरी हो रही है।
पैट अध्यापकों का दो साल का कोर्स पूरा होने वाला है। बीएड पैट को छह माह का कोर्स करवाया जाना है। विभाग जल्द कोर्स करवाने की प्रक्रिया शुरू करेगा।
- जगदीश कौशल, प्रधानाचार्य, डाइट, हमीरपुर