डॉ राधाकृष्णन मेडिकल कालेज हमीरपुर में आपात वार्ड के बाहर एक भी स्टेक्चर नहीं है। संवाद
हमीरपुर। डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) हमीरपुर में आपातकालीन स्थिति में स्ट्रेचर भी नहीं मिल रहे हैं। इससे मरीजों और उनके तीमारदारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मंगलवार को दिन में आपातकाल और अन्य वार्डों में मरीजों को ले जाने के लिए स्ट्रेचर की तलाश में तीमारदार यहां वहां भटकते रहे। हालांकि शाम के समय स्ट्रेचर उपलब्ध हो गए थे।
अक्सर अस्पताल में स्ट्रेचर की कमी के कारण मरीजों को गाड़ी या एंबुलेंस से अस्पताल के विभिन्न वार्डों में पहुंचाने में कठिनाई होती है। कई मरीज ऐसे होते हैं, जो चलने में असमर्थ होते हैं और उन्हें उठाकर अस्पताल के वार्ड में ले जाना पड़ता है। तीमारदारों ने अपनी परेशानियों का हवाला देते हुए कहा कि अस्पताल में दिन में एक भी स्ट्रेचर उपलब्ध नहीं होता है।
आशुतोष, संतोष, विजय, विश्वनाथ, लक्ष्मण प्रसाद, कामिनी, नारायण और अन्य तीमारदारों ने कहा कि इस समस्या के कारण उन्हें अत्यधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और कई बार मरीजों को उठाकर ही अस्पताल के विभिन्न हिस्सों में ले जाना पड़ता है। इससे मरीजों के साथ तीमारदारों को भी परेशान होना पड़ता है।
उधर, मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. रमेश भारती ने कहा कि अस्पताल में मरीजों को प्राथमिकता के आधार पर स्ट्रेचर उपलब्ध रहते हैं। हालांकि कई बार मरीजों के तीमारदार को स्ट्रेचर इस्तेमाल करने के बाद वहीं पर छोड़ देते हैं। इससे आपातकालीन वार्ड में ऐसी स्थिति बनती है। इस मामले को गंभीरता से लेकर सुधार का प्रयास किया जाएगा।