मट्टनसिद्ध की अर्चना घर पर कपड़ों की सिलाई करते हुए। संवाद
- फोटो : कटरा पीएचसी में मरीजों का इलाज करती चिकित्सक।
डिडवीं टिक्कर(हमीरपुर)। मट्टनसिद्ध क्षेत्र की रहने वाली अर्चना ने नौकरी छोड़कर सिलाई-कढ़ाई के हुनर को अपनी पहचान बनाया है। अर्चना अब सिलाई से हर माह हजारों रुपये की आय अर्जित कर रही हैं।
अर्चना को बचपन से ही सिलाई और डिजाइनिंग का शौक था। स्कूल के दिनों में ही वह अपने कपड़ों में नए डिजाइन बनाने का प्रयास करती थीं। परिवार और रिश्तेदारों के कपड़ों को देखकर उनमें कुछ नया करने की इच्छा जागती थी। धीरे-धीरे उनका यह शौक हुनर में बदल गया।
एमसीए की पढ़ाई पूरी करने के बाद अर्चना ने दो से तीन वर्ष तक एक निजी कंपनी में कार्य किया, लेकिन सीमित आय और परिवार को समय न दे पाने के कारण उन्होंने स्वरोजगार अपनाने का निर्णय लिया। शादी के बाद उन्होंने नौकरी छोड़ दी और अपने शौक को ही रोजगार बना लिया।
शुरुआत में उन्होंने घर और आसपास की महिलाओं के कपड़े सिलने शुरू किए। उनके डिजाइन और फिटिंग लोगों को पसंद आने लगे, जिसके बाद उन्हें लगातार ऑर्डर मिलने लगे।
आज आसपास के क्षेत्रों से भी उनके पास डिजाइनर सूट सिलवाने के लिए ग्राहक पहुंच रहे हैं। त्योहारों और शादी के सीजन में काम इतना बढ़ जाता है कि उन्हें देर रात तक काम करना पड़ता है।
अर्चना साधारण सिलाई के साथ-साथ डिजाइनर सूट तैयार करने में विशेष रुचि रखती हैं। वह नए फैशन ट्रेंड को ध्यान में रखते हुए सूट डिजाइन करती हैं और ग्राहकों की पसंद के अनुसार अलग-अलग पैटर्न, नेक डिजाइन और आधुनिक स्टाइल तैयार करती हैं।