फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

महिलाएं अगर संगठित होंगी, कभी नहीं हारेंगी : रेणू

विज्ञापन
डिग्री कालेज हमीरपुर में आयोजित अपराजिता कार्यक्रम में पहुंचने पर डीएसपी हमीरपुर रेणू शर्मा का - फोटो : Hamirpur-HP
विज्ञापन
हमीरपुर। महिलाएं अगर अलग-अलग होकर काम करेंगी तो उनकी हार हो सकती है। लेकिन, अगर महिलाएं संयुक्त या संगठित होकर किसी कार्य को करेंगी तो कभी भी उनकी हार नहीं होगी। यह शब्द उपपुलिस अधीक्षक हमीरपुर रेणू शर्मा ने राजकीय महाविद्यालय हमीरपुर में इंटरनल क्वालिटी इश्योरेंस सेल और वूमेन लिटरेसी सेल के सहयोग से ‘अमर उजाला’ के अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स कार्यक्रम के दौरान कहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधानाचार्य डॉ. अंजू बत्ता सहगल ने की। डीएसपी रेणू शर्मा ने कहा कि देश में 1000 पुरुषों के मुकाबले 946 महिलाएं हैं। इस लिंगानुपात को पुरुषों के मुकाबले अधिक करना होगा। महिला को भी स्वतंत्र होकर अपने कॅरिअर के बारे में सोचने का अधिकार है।
विज्ञापन

महिलाओं पर हो रहे अत्याचारों में अधिकतर कारण महिलाओं का एकीकृत न होना या एक महिला की ओर से ही दूसरी महिला को न समझना है। यदि महिलाएं इकट्ठी होकर अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाएंगी तो अत्याचार का विनाश और अत्याचारी को उचित सजा मिलेगी। उन्होंने छात्राओं से टारगेट फोक्सड बनने का आह्वान किया। इसके साथ-साथ उन्होंने भारतीय दंड संहिता में महिला के लिए बने कानूनों, घरेलू हिंसा अधिनियम, यौन शोषण कानूनों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि अगर किसी भी प्रकार का अत्याचार छात्राओं के साथ हो रहा हो तो उसकी जानकारी कॉलेज प्रधानाचार्य, पुलिस विभाग या जिला प्रशासन को दें। कॉलेज और प्रशासन की तरफ से बनी कमेटियां उनकी समस्याओं का समाधान करेंगी। दस से अधिक महिला कामगारों वाले संस्थान में यौन शोषण कमेटी का गठन अनिवार्य है। उन्होंने एंटी रैगिंग के बारे में भी छात्राओं को बताया। इस दौरान मंच संचालन डॉ. संगीता चंदेल ने किया। कार्यक्रम में प्रो. सुदेश जंवाल, प्रो. सरोज ठाकुर, प्रो. सौरव सूद, डॉ. मंजू सहित अन्य मौजूद रहे।
महिलाओं को आंतरिक प्रेरणा सबसे जरूरी : डॉ. सहगल
राजकीय महाविद्यालय हमीरपुर की प्रधानाचार्य डॉ. अंजू बत्ता सहगल ने कहा कि महिलाओं को आंतरिक प्रेरणा ही सबसे जरूरी है। अगर वह खुद ही प्रेरित होकर कार्य करेंगी तो अपने लक्ष्य को हासिल करेंगी। महिला पूरे परिवार को संभालने के साथ-साथ अपने दिनचर्या के कार्यों को भी करती हैं। महिलाओं में कार्यों को करने की क्षमता बहुत है। ऐसे में महिलाओं का सशक्त और जागरूक होना अनिवार्य है। ज्यादा पढ़ाई करने का मतलब यह नहीं होना चाहिए कि वह जगह-जगह लड़ाई झगड़े शुरू कर दें। सामाजिक परिवेश में परिस्थितियों के अनुसार व्यवहार होना चाहिए। अमर उजाला ने अपराजिता कार्यक्रम के तहत जो मुहिम महिला सशक्तीकरण की चलाई है, वह सराहनीय है।
विज्ञापन

फिल्मों में नशे के प्रयोग वाले सीन हों बैन : डॉ. संगीता
प्राध्यापक डॉ. संगीता चंदेल ने कहा कि छात्राएं फिल्म स्टार को अपना आइडल समझकर कई बार फिल्मों में दिखाई गई उनकी बुरी आदतों को अपना लेती हैं। ऐसे में फिल्मों में नशे और अन्य बुरी आदतों के सीन बंद होने चाहिए। उन्होंने डीएसपी से भी पूछा कि अगर कोई महिला अत्याचार की लिखित शिकायत न दे पा रही हो तो क्या करना चाहिए? इस पर डीएसपी ने कहा कि पीड़ित के स्थान पर कोई और शिकायत दे या फिर पीड़ित पुलिस के पास आकर बता दे, काउंसलिंग से ही कई बार समस्याओं का समाधान हो जाता है।
अपराजिता कार्यक्रम छात्राओं के लिए सराहनीय : प्रो. रीटा
उपप्रधानाचार्य प्रो. रीटा शर्मा ने कहा कि अमर उजाला का अपराजिता अभियान छात्राओं को सशक्तीकरण की दिशा में सराहनीय कदम है। ऐसे कार्यक्रमों से जहां छात्राएं अपने अधिकारों और कानून में प्रावधानों से जागरूक होंगी, वहीं भविष्य में भी अत्याचार नहीं सहेंगी। उन्होंने कार्यक्रम करवाने के लिए अमर उजाला और विशेष अतिथि डीएसपी रेणू शर्मा का आभार व्यक्त किया।
औरतों के अधिकारों का लगा पता : महिमा
छात्रा महिमा ने कहा कि कार्यक्रम में औरतों के अधिकारों और कानून में उनके लिए किए गए प्रबंधों के बारे में डीएसपी ने जागरूक किया। उन्होंने छात्राओं को अत्याचार को सहने की बजाय उसके खिलाफ आवाज उठाने का आह्वान किया। डीएसपी ने विभिन्न प्रेरणात्मक उदाहरण देकर अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए प्रेरित किया।
संगठित होकर कार्य करें महिलाएं : शिवाली
छात्रा शिवाली ने कहा कि महिलाओं को संयुक्त और संगठित होकर कार्य करना चाहिए। कार्यक्रम में डीएसपी ने महिलाओं को संगठित होकर काम करने के बारे में बताया गया। उन्होंने कहा कि महिला सुरक्षा के बारे में विभिन्न प्रकार की जानकारी मिली है। अन्य छात्राओं को भी वह इन बातों के बारे में बताएंगी, ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति में यह बातें उनके काम आ सकें।

डिग्री कालेज हमीरपुर में आयोजित अपराजिता कार्यक्रम में उपस्थित कालेज प्राध्यापक और छात्राएं।- फोटो : Hamirpur-HP

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें