हमीरपुर। दो साल कोरोना संक्रमण के कारण शिक्षण संस्थान बंद रहने से प्रभावित हुई पढ़ाई की भरपाई की शिक्षक हर संभव कोशिश कर रहे हैं। विद्यार्थियों और अभिभावकों से सीधा संवाद किया जा रहा है ताकि बच्चों में हिचक दूर हो। वहीं, शिक्षकों का कहना है कि ऑनलाइन कक्षाओं में पढ़े विषयों को विद्यार्थी भूल गए हैं। ऐसे में पाठ्यक्रम दोहराने की जरूरत है।
इसके अलावा ऑनलाइन कक्षाओं के दौरान आए बदलावों को ठीक करने के लिए शिक्षा विभाग की ओर से सभी स्कूलों में अध्यापकों के लिए कार्यशालाएं आयोजित की जा रही हैं। पढ़ाई को रोचक बनाने के तरीके समझाए जा रहे हैं। इसमें बच्चों को आसान तरीके से पढ़ाना, उनके साथ दोस्ताना व्यवहार, उनकी आदतों को बदलना, समस्याओं का समाधान करना, पढ़ाई के साथ बच्चों का मनोरंजन करना शामिल किया गया है। दो वर्ष घरों में ऑनलाइन पढ़ाई के कारण बच्चों में कई बदलाव देखने को मिले हैं। इन्हें ऑफलाइन कक्षाओं में सुधारा जा रहा है। स्कूलों में बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखकर सफाई के साथ-साथ वैक्सीनेशन भी करवाया जा रहा है। ऑनलाइन कक्षाओं में होने वाली परेशानियों को दूर करने के लिए अध्यापक बच्चों से अनेक गतिविधियां करवा रहे हैं। स्कूलों में नए सत्र से नई शिक्षा नीति के अंतर्गत खेल स्पर्धाओं के साथ योग प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं, ताकि दो वर्षों में आए बदलावों को ठीक किया जा सके।
वहीं, प्रारंभिक शिक्षा विभाग के उपनिदेशक संजय ठाकुर का कहना है कि सभी स्कूलों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। स्कूली बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर विभाग सजग हैं। कोरोना के दौरान बच्चों का पढ़ाई करने का तरीका काफी बदला है। इसके चलते पढ़ाई के स्तर को उठाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि बच्चों में आए बदलावों को संवाद करके सही किया जा सके। वहीं, एसओपी का भी सुचारु रूप से पालन हो रहा है।
-अध्यापक
भरपाई में लगेगा समय : सुदेश
शिक्षक सुदेश का कहना है कि घरों में रहने के बाद बच्चों में सीखने की क्षमता में काफी कमी आई है। इसकी भरपाई में समय लगेगा। कुछ बच्चे ऑनलाइन कक्षाओं में कुछ एक विषयों को ही सीख पाए हैं। इससे परीक्षाओं के दौरान बच्चे तनाव का शिकार हो रहे थे। ऑफलाइन कक्षाओं में बच्चों को प्रत्येक विषय को दो-दो बार समझाया जा रहा है, ताकि उन्हें परेशानी का सामना न करना पड़े।
पढ़ाई के लिए किया प्रेरित : सुनीता
शिक्षक सुनीता शर्मा का कहना है कि स्कूल खुलने तक बच्चे ऑनलाइन कक्षाओं में पढ़े विषयों को भूल चुके थे। स्कूल खुलते ही विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए प्रेरित किया गया। परीक्षाओं से पहले बच्चों की पूरी तैयारी करवाई गई। कक्षाओं में ही प्रश्नोत्तरी जैसी प्रतियोगिताएं आयोजित की गई। इससे बच्चों में दो वर्षों के दौरान पैदा हुई झिझक को दूर किया गया।
समस्याओं का किया समाधान : वंदना
शिक्षक वंदना ने बताया कि बच्चों को पढ़ाई के दौरान आ रही समस्याओं के समाधान पर विशेष ध्यान दिया गया है। बच्चों से बातचीत करके पढ़ाई के दौरान आ रही परेशानी को दूर किया जा रहा है, ताकि परीक्षाओं के दौरान एकाग्र मन से परीक्षा दे सकें। बच्चे भी ऑफलाइन कक्षाओं से खुश हैं।