हमीरपुर। आईटीआई रैल में वर्तमान शैक्षणिक सत्र से छह माह की अवधि का प्राकृतिक खेती का डिप्लोमा कोर्स शुरू होगा। इस कोर्स में युवाओं के साथ-साथ बुजुर्ग भी प्राकृतिक खेती के गुर सीख पााएंगे।
कोर्स में पर्यावरण अनुकूल कृषि पद्धति और रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के बिना, प्राकृतिक रूप से उपलब्ध तत्वों और सूक्ष्मजीवों का उपयोग करके खेती करने के तरीके सिखाए जाएंगे। कोर्स में करीब 20 सीटें भरी जाएंगी। 15 जुलाई के बाद आवेदन पत्र भरे जाएंगे। स्कूल ड्रॉप आउट से लेकर 65 साल तक के वरिष्ठजन कोर्स करने के लिए पात्र होंगे।
यदि सीटों के मुकाबले आवेदन अधिक होंगे तो मेरिट आधार पर प्रवेश दिया जाएगा। प्राकृतिक खेती से लोगों को जोड़ने की यह अनूठी पहल है। इस कोर्स के लिए जिले की एक मात्र आईटीआई रैल काे चुना गया है। कोर्स का पाठयक्रम नौणी विश्वविद्यालय की ओर से तैयार किया गया है। इसमें प्राकृतिक खेती करने की संपूर्ण जानकारियां दी जाएंगी।
गौर रहे कि आईटीआई रैल में पहले से 12 ट्रेड चलाए जा रहे हैं। अब छह माह का शॉर्ट टर्म कोर्स शुरू किया जाएगा। आईटीआई प्रबंधन की ओर से इसकी तैयारियां की जा रही हैं।
कोट
आईटीआई रैल में प्राकृतिक खेती का डिप्लोमा कोर्स शुरू किया जाएगा। कोर्स के तहत 20 सीटें भरी जानी हैं। इसके लिए 15 जुलाई के उपरांत ही आवेदन भरे जाएंगे। कोर्स में फीस सहित अन्य जानकारियां अभी तक तकनीकी शिक्षा विभाग की ओर से साझा नहीं हुई हैं। किस तरह से प्राकृतिक खेती होती है, प्राकृतिक खेती के फायदे सहित अन्य जानकारियां कोर्स में दी जाएंगी।
-कपिल, प्रधानाचार्य, राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, रैल