चंगर की वीना देवी घर पर बैग बनाते हुए। संवाद
- फोटो : साजिशकर्ता के मकान के पास मौजूद राजस्व कर्मी व पुलिस टीम।
हमीरपुर। आर्थिक तंगी के बावजूद मजबूत इरादे और घर की जिम्मेदारी को संभालते हुए चंगर गांव की वीना देवी ने एक मिसाल पेश की है। बीमार होने पर पति की नौकरी छूटने के बाद वीना देवी परिवार का सहारा बनीं। वीना ने बैग का कारोबार शुरू कर आर्थिकी को मजबूत किया।
वीना देवी ने आरसेटी से प्रशिक्षण लेकर घर पर ही बैग बनाने का कार्य शुरू किया। वहीं, बैग बनाकर अब वीना देवी प्रतिमाह 20 से 25 हजार रुपये कमा रही हैं। घर पर आर्थिक तंगी के कारण शुरू में उन्हें व्यवसाय में कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा, लेकिन मजबूत हौसले के साथ उन्होंने अपने काम को जारी रखा। वहीं, आज उन्हें प्रतिमाह घर बैठे ऑर्डर आ रहे हैं।
वीना देवी घर से हैंड पर्स, स्कूल बैग, लेडिज पर्स के साथ डिलीवरी बैग और अन्य ट्रैवल बैग तैयार कर पांच से छह दुकानों को सप्लाई कर आय अर्जित कर रही हैं। घर पर उन्होंने गांव की अन्य एक महिला को भी रोजगार दिया हुआ है।
उन्होंने शुरुआती दौर में सैंपल के तौर पर बैगों को दुकानों में भेजना शुरू किया, लेकिन कुछ समय तक दुकानदारों ने बैगों को लेकर रुचि नहीं दिखाई। धीरे-धीरे उन्होंने बैगों की वैरायटी को बढ़ाना शुरू किया। ऐसे में विभिन्न प्रकार के डिजाइन के बैग घर के नजदीक मिलने पर दुकानदारों ने ऑर्डर देना शुरू किए।
वहीं, एक साथ 50 से 60 ऑर्डर होने के बाद उन्होंने घर पर एक अन्य महिला को रखकर कार्य शुरू किया। अब प्रतिमाह बैग तैयार कर हजारों रुपये कमा रही हैं। उन्होंने कहा कि अभी तक 10 से 15 महिलाओं को बैग बनाने का प्रशिक्षण भी दे चुकी हैं।