पुलिस हिरासत से भागने पर डेढ़ साल की जेल।
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पुलिस हिरासत से भागने के दोषी को हमीरपुर कोर्ट ने डेढ़ साल के कारावास की सजा सुनाई है। क्षेत्रीय अस्पताल हमीरपुर में उपचार के दौरान दोषी पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया था जिसे बाद में पकड़ लिया गया।
इस मामले में सरकार ने कुल 12 गवाह पेश किए। न्यायाधीश अभय मंडियाल की अदालत ने सबूतों के आधार पर भूपेंद्र सिंह उर्फ शनिचरू निवासी लडयोह, डाकघर बराड़ा तहसील भोरंज को दोषी पाया।
इसके बाद उसको डेढ़ साल कारावास की सजा सुर्नाई। अतिरिक्त जिला न्यायवादी अनुज शर्मा ने बताया कि भूपेंद्र सिंह पर बीते वर्ष थाना भोरंज में एक केस दर्ज हुआ था। आरोपी सब जेल हमीरपुर में हिरासत में था।
उसे 16 मार्च 2015 को क्षेत्रीय अस्पताल हमीरपुर में इलाज के लिए लाया गया। लेकिन अस्पताल में भारी भीड़ का फायदा उठाते हुए आरोपी पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया। पुलिस ने थाना हमीरपुर में आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया।
मुकदमे की तफ्तीश सब इंस्पेक्टर कुलदीप सिंह ने की। दोषी को अगले ही दिन 17 मार्च को गांव बल्ह से गिरफ्तार कर लिया गया। इसके बाद उसे हिरासत में ले लिया गया। दोषी 17 मार्च से ही हिरासत में है।
ऐसे में डेढ़ साल से शेष सजा दोषी को भुगतनी पड़ेगी। केस की पैरवी अतिरिक्त जिला न्यायवादी अनुज शर्मा ने की।