हमीरपुर। मेडिकल कॉलेज हमीरपुर स्थित जोलसप्पड़ में 200 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक डेंटल कॉलेज बनेगा। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बजट में इसका प्रावधान किया है।
कॉलेज में नवीनतम तकनीकों और उन्नत चिकित्सा उपकरणों की सुविधा होगी, जिससे न केवल स्थानीय लोगों को बेहतर इलाज मिलेगा, बल्कि डेंटल शिक्षा को भी नई ऊंचाइयां मिलेंगी। इससे क्षेत्र में विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ेंगी और स्वास्थ्य सेवाएं सुदृढ़ होंगी। डेंटल कॉलेज से छात्रों को उच्च गुणवत्ता की शिक्षा अपने ही प्रदेश में प्राप्त करने का मौका मिलेगा, जिससे उन्हें बाहर जाने की आवश्यकता कम होगी।
वहीं, जिले के अस्पतालों में पब्लिक हेल्थ लैब का निर्माण भी किया जाएगा। इससे स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा। मेडिकल कॉलेज में ई-लाइब्रेरी की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में 25 करोड़ रुपये की लागत से एडवांस टेस्टिंग लैब भी स्थापित की जाएगी। गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए बोन मेरो ट्रांसप्लांट की सुविधा शुरू करने की भी घोषणा की गई है, जिससे मरीजों को बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा।
मेडिकल कॉलेज में रोबोटिक सर्जरी और पैट स्केन मशीन की घोषणा से फायदा होगा। स्वास्थ्य, शिक्षा और पर्यटन जैसे अहम क्षेत्रों में निवेश से आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी। आम जनता के जीवन स्तर में सुधार की उम्मीद है।
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बाबा बालक नाथ रोपवे परियोजना से पयर्टन को पंख
बाबा बालक नाथ रोपवे परियोजना और वाणिज्यिक परिसरों के निर्माण की योजना भी बजट में शामिल की गई है। हालांकि बाबा बालक नाथ रोपवे परियोजना की घोषणा पहले ही की जा चुकी है, लेकिन इस योजना पर धरातल पर कार्य नहीं हुआ। बजट में पुन: घोषणा होने से लोगों में उम्मीद जगी है कि इस बार यह योजना धरातल पर उतरेगी। इससे पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। बाला बालक नाथ दियोटसिद्ध धार्मिक स्थल है। लोगों की आस्था के केंद्र में सैकड़ों श्रद्धालु आते हैं। रोपवे परियोजना से श्रद्धालु तो लाभान्वित होंगे। वहीं, रोजगार के अवसर भी खुलेंगे।
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पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगा इंटीग्रेटेड एक्वा पार्क
जिले के नादौन में 25 करोड़ रुपये की लागत से एक इंटीग्रेटेड एक्वा पार्क का निर्माण किया जाएगा, जो स्थानीय लोगों के साथ-साथ पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगा। यह पार्क न केवल रोजगार और स्वरोजगार सृजन का प्रमुख केंद्र बनेगा। परियोजना के अंतर्गत मछली बीच उत्पादन, मूल्य संवर्धन, प्रसंस्करण और विपणन जैसी गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। पार्क में मछली आहार निर्माण इकाई, प्रदर्शन इकाइयां और व्यावहारिक प्रशिक्षण केंद्र भी स्थापित करना प्रस्तावित हैं। बेरोजगार युवाओं को उन्नत मत्स्य पद्धतियों का प्रशिक्षण मिलेगा।