हम दर्शन क्लस्टर की महिलाएं घर पर कच्चा सामान तैयार करते हुए। संवाद
धनेटा (हमीरपुर)। घरेलू जिम्मेदारियों के बीच भी अगर हौंसला बुलंद हो तो सफलता कदम चूमती है। कुछ ऐसा ही कर दिखाया है बेला गांव की किरण बाला ने। किरण ने आत्मनिर्भरता की ऐसी मिसाल कायम की है कि आज न केवल खुद कमाई कर रही हैं, बल्कि दो हजार से अधिक ग्रामीण महिलाओं को भी घर बैठे रोजगार उपलब्ध करवा रही हैं।
किरण बाला ने वर्ष 2023 में नादौन ब्लॉक की 13 पंचायतों में विलेज ऑर्गेनाइजर नियुक्त किए। इन आयोजकों की मदद से महिलाओं को जागरूक कर गांव-गांव में क्लस्टर बनाए गए। इसके बाद ब्लॉक स्तर पर हिम दर्शन क्लस्टर का गठन हुआ। क्लस्टर बनने के बाद संबंधित प्रभारियों को सरकारी योजनाओं के तहत आवश्यक मशीनें और सुरक्षा उपकरण उपलब्ध करवाए गए।
अब ये महिलाएं मौसम अनुसार कच्ची हल्दी, आंवला, सब्जियां, फल, बड़ियां आदि उत्पाद घर से तैयार कर रही हैं। इन उत्पादों को इंटीग्रेटेड फार्मर कंपनी (आईएफसी) गांवों से ही खरीद लेती है, जिससे महिलाओं को बाजार तक जाने की परेशानी नहीं होती। तैयार उत्पाद कंपनी के माध्यम से बाजार में बेचे जाते हैं, जिसके बाद महिलाओं को भुगतान किया जाता है।
इस तरह महिलाएं घर बैठे हर माह सात से आठ हजार रुपये तक की आमदन अर्जित कर रही हैं। किरण बाला का कहना है कि शुरुआती दौर में महिलाओं को जोड़ने और समझाने में कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ा, लेकिन परिवार और साथियों के सहयोग से उन्होंने यह मुकाम हासिल किया है। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय परिवार के सदस्यों और क्लस्टर से जुड़ी मेहनती महिलाओं को दिया है। संवाद
हम दर्शन क्लस्टर की महिलाएं घर पर कच्चा सामान तैयार करते हुए। संवाद