बड़सर (हमीरपुर)। बिझड़ी ब्लॉक की पंचायत ज्योली देवी के उपप्रधान को निष्कासित कर दिया गया है। उन पर पंचायत प्रधान रहते हुए वित्तीय अनियमितताओं के आरोप हैं। जांच रिपोर्ट को आधार मानते हुए उपायुक्त हमीरपुर ने उपप्रधान को निष्कासित करने का फैसला सुनाया। इसके साथ ही उन्हें अगले छह साल तक पंचायत का चुनाव लड़ने पर रोक लगा दी गई। ज्योली देवी पंचायत के लोगों ने पंचायत उपप्रधान के खिलाफ वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगाए थे। पंचायत के उपप्रधान 2007 से 2010 तक पंचायत प्रधान भी रहे हैं। ग्रामीणों ने निर्माण कार्यों की आरटीआई के तहत सूचना मांगी और सबूत जुटाए। ग्रामीणों ने सबूतों के आधार पर उपायुक्त से शिकायत की तथा जांच की मांग की। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पंचायत उपप्रधान ने प्रधान रहते हुए वित्तीय गड़बड़ी की है। इसमें मनरेगा कार्य में एक व्यक्ति की दो व तीन जगह हाजिरियां पाई गईं। कई स्थानों में बिना कार्य से राशि निकालने के आरोप लगे हैं। उपायुक्त के निर्देशों पर बीडीओ तथा एसडीएम ने उपप्रधान के खिलाफ आरोपों की जांच की। जांच प्रक्रिया में उपप्रधान को वित्तीय अनियमितताओं में दोषी पाया। उपायुक्त ने उपप्रधान को कारण बताओ नोटिस जारी किया। उपप्रधान की ओर से संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर उन्हें निष्कासित कर दिया गया। इसके साथ ही उपप्रधान पर आगामी छह साल के लिए पंचायत चुनाव लड़ने पर रोक लगा दी गई है। उधर कार्यकारी जिला पंचायत अधिकारी मनोज कुमार ने पंचायत उपप्रधान को निष्कासित करने की पुष्टि की है।
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उपायुक्त ने ज्योली देवी पंचायत के उपप्रधान को पद से निष्कासित कर दिया है। उपप्रधान छह साल तक पंचायत चुनाव नहीं लड़ पाएंगे। उपप्रधान पर प्रधान रहते हुए मनरेगा कार्यों में वित्तीय अनियमितताओं के आरोप हैं।
-पृथपाल सिंह, बीडीओ
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