हमीरपुर। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) प्रबंधन पर हमीरपुर कैंपस में तैनात सैकड़ों सुरक्षा कर्मियों, ठेका मजदूरों का वेतन हड़पने के आरोप लग रहे हैं। यहां तैनात सुरक्षा कर्मियों को कागजों में 12264 रुपये वेतन दर्शाया जा रहा है, जबकि असल में इन्हें सिर्फ छह हजार रुपये वेतन दिया जा रहा है। सीटू राज्य कमेटी के महासचिव डा. कश्मीर सिंह ने एनआईटी प्रबंधन पर हमीरपुर में एक प्रेस वार्ता कर वित्तीय गोलमाल के गंभीर आरोप लगाए हैं। सीटू राज्य कमेटी ने एनआईटी पर कुप्रबंधन, भ्रष्टाचार और मजदूरों के शोषण के लिए एनआईटी के निदेशक को जिम्मेदार ठहराया है। इस दौरान सीटू राज्य कमेटी ने एनआईटी के निदेशक को पद से हटाने की मांग उठाई है। सीटू राज्य कमेटी ने प्रधामंत्री नरेंद्र मोदी को निदेशक के खिलाफ सीबीआई जांच करवाने की भी मांग की है। एनआईटी में मजदूरों का शोषण इसी तरह बरकरार रहा तो वे सीटू के नेतृत्व में आंदोलन करने पर मजबूर होंगे।
सीबीआई जांच की मांग
सीटू राज्य के महासचिव डा. कश्मीर सिंह ठाकुर का आरोप है कि एनआईटी प्रबंधन ने जनवरी 2013 में एसआईएस सुरक्षा कंपनी को एनआईटी की सुरक्षा के संबंध में सुरक्षा कर्मी नियुक्त करने का ठेका दिया। सुरक्षा कर्मियों को 12264 रुपये व सुरक्षा सुपरवाइजर को 15019 रुपये मासिक वेतन देने के अनुबंध पर हस्ताक्षर किए गए, लेकिन एसआईएस सुरक्षा कंपनी एनआईटी प्रबंधन की मिलीभगत के कारण सुरक्षा कर्मियों को हर माह छह हजार वेतन दे रही है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा कर्मी या एनआईटी वर्कर्स यूनियन जब एनआईटी प्रबंधन से करार के मुताबिक वेतन मांगते हैं तो उन्हें नौकरी से निकालने की धमकियां दी जाती हैं।