नादौन (हमीरपुर)। दिवाली की रात 10 बजे के बाद जिलाधीश हमीरपुर द्वारा लगाए गए प्रतिबंध के बावजूद जमकर पटाखे जलते रहे। पटाखों के ध्वनि प्रदूषण तथा उससे उठने वाले वायु प्रदूषण से बचने के लिए जिलाधीश हमीरपुर ने दिवाली पर रात्रि दस बजे के बाद सुबह छह बजे तक पटाखे चलाने पर प्रतिबंध लगाया गया था। इसके बावजूद जिलाधीश के आदेशों की धज्जियां सारी रात उड़ती रहीं। किसी भी प्रशासनिक अधिकारी ने कोई कार्रवाई अमल में नहीं लाई है। जिलाधीश के आदेश मात्र फाइलों तक ही सिमट कर रह गए हैं।
जिला प्रशासन ने ध्वनि प्रदूषण को रोकने के लिए यह कदम उठाए थे। कुछ कानून का पालन करने वालों द्वारा रात्रि दस बजे के उपरांत पटाखे चलाने बंद कर दिए थे। इससे करीब आधे घंटे तक पटाखों के ध्वनि प्रदूषण पर रोक लगी भी रही। करीब आधे घंटे तक लोग पटाखे चलाने से न रुके तो कानून का पालन करने वालों ने भी उनका साथ देना शुरू कर दिया। यह सिलसिला रात भर चलता रहा। ध्वनि प्रदूषण व वायु प्रदूषण सेे परेशान हुए लोगाें में देशराज, अनिरुद्ध ठाकुर, करतार चंद, माया देवी, रुकमणी देवी, रतनी देवी, सुजल कुमार, कार्मिक, आभा, आशा देवी, शीला देवी, रोशनी देवी आदि का कहना है कि जिला प्रशासन द्वारा जनहित में उठाया गया यह कदम सराहनीय तो था। इस पर अमल करवाने के लिए प्रशासन को पहले ही कमर कस लेनी चाहिए थी। लोगों का कहना है कि बनाए गए कानूनों पर अमल भी होना चाहिए ताकि कानून का पालन करने वाले लोग का विश्वास बना रहे और कानून प्रिय लोग अपने को ठगा सा महसूस न कर सकें। उधर एसएचओ नादौन मूलराज का कहना है कि प्रशासन द्वारा कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।