हमीरपुर। रानीताल-शिमला राष्ट्रीय राजमार्ग की हालत बहुत खराब हो गई है। बरसात को खत्म हुए करीब दो माह का समय बीत चुका है, लेकिन संबंधित विभाग अभी तक पैचवर्क नहीं कर पाया है। नवंबर के अंतिम सप्ताह में सर्दियों के दौरान बारिश भी शुरू होने वाली है। खस्ताहाल सड़क पर गुजरने वाली बसों और भारी वाहनों की मशीनरी को काफी नुकसान पहुंच रहा है।
वहीं नेशनल हाईवे पर पड़े गड्ढों के चलते दोपहिया वाहन चालक सड़क पर गिर कर चोटिल हो रहे हैं। कुछआ चाल से चल रहे पैचवर्क कार्य के कारण लोगों में भारी रोष है। वहीं नेशनल हाईवे विभाग सड़क की मरम्मत में हो रही लेटलतीफी के लिए नेशनल हाईवे प्राधिकरण को जिम्मेदार ठहरा रहा है। एनएच विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मटौर-शिमला मार्ग अब फोरलेन बनने वाला है, जिसके चलते इस मार्ग की देखरेख का जिम्मा अब एनएचआई के पास है। वहीं प्राधिकरण भी लंबे समय से शीघ्र मरम्मत का आश्वासन ही दे रहा है। कांगड़ा जिला के समेला से लेकर रानीताल तक, ज्वालामुखी से भड़ोली और नादौन और भूंपल से लेकर जोलसप्पड़ तक एनएच पर जगह-जगह करीब तीन महीनों से गहरे गड्ढे पड़े हैं। हालांकि कांगड़ा बस स्टैंड से समेला स्थित रेलवे पुल तक एनएच पर पैचवर्क कर दिया गया है। लेकिन शेष मार्ग पर वाहन चालकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उधर, इस बारे में फोरलेन के प्रोजेक्ट डायरेक्टर योगेश राउत का कहना है कि मटौर-शिमला मार्ग पर पड़े गड्ढों को ठीक करने के लिए संबंधित ठेकेदार को कार्य आवंटित हो चुका है। कई जगह पर पैचवर्क शुरू है। उन्होंने कहा कि दस दिन के भीतर पूरा मार्ग को दुरुस्त कर दिया जाएगा।