अमर उजाला ब्यूरो
हमीरपुर। जिला मुख्यालय हमीरपुर में नये बस स्टैंड के शिलान्यास को पांच साल बीत चुके हैं, लेकिन परिवहन निगम अभी तक टेंडर नहीं करवा पाया है। तत्कालीन मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने 2012 में होटल हमीरपुर से आगे बाईपास रोड पर अंतरराज्यीय बस स्टैंड का भूमि पूजन किया था। प्रस्तावित नये बस अड्डे के लिए 28 हजार 302 वर्गमीटर भूमि परिवहन निगम के नाम ट्रांसफर हो चुकी है। लेकिन पांच साल में एक ईंट नहीं लगी।
इस दौरान निगम करीब चार बार टेंडर आमंत्रित कर चुका है लेकिन एक भी फर्म बस स्टैंड के लिए आगे नहीं आई। चार बार टेंडर लगाने के बाद अब परिवहन निगम ने भू विशेषज्ञों से भूमि का निरीक्षण करवाया तो पाया कि संबंधित भूमि बस स्टैंड के लिए उपयुक्त नहीं। चिन्हित भूमि पर भूस्खलन के अलावा बस स्टैंड की लागत कई गुणा अधिक हो सकती है।
इसके चलते विशेषज्ञों ने निगम को कहीं दूसरी जगह भूमि तलाशने के निर्देश दिए हैं। शहर में मौजूदा बस स्टैंड की क्षमता केवल 80 बसों को खड़ा करने की है। लेकिन एचआरटीसी हमीरपुर डिपो के अधीन डेढ़ सौ से अधिक बसें हैं। इसके अलावा इतनी ही प्राइवेट बसें हैं।
वर्तमान बस स्टैंड में जगह की कमी के चलते निगम की बसें नालटी रोड किनारे और नए बस स्टैंड के लिए चिन्हित जगह में खड़ी की जा रही हैं। इसके चलते बस चालकों को बस स्टैंड पर कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
एचआरटीसी के मंडलीय प्रबंधक दलजीत सिंह ने कहा कि शिमला मुख्यालय से तीन चार बार टेंडर किए गए, लेकिन किसी फर्म ने दिलचस्पी नहीं दिखाई। चुनावों के बाद दोबारा प्रयास किए जाएंगे।