नादौन (हमीरपुर)। राज्य बिजली बोर्ड कर्मचारी यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष कुलदीप सिंह खरवाड़ा ने कहा कि राज्य बिजली बोर्ड प्रबंधक कर्मचारियों से कार्य करवाने की बजाय निजी कंपनियों और ठेकेदारों से कार्य करवाने में ज्यादा उत्सुकता दिखा रहा है। लंबे अरसे से बोर्ड के कर्मचारी यह कार्य खुद करते रहे हैं। कुलदीप ने कहा कि बिजली बोर्ड में करोड़ों रुपये की लागत से बनाई गई वर्कशॉपों में खराब ट्रांसफार्मरों की मरम्मत करवाने की बजाय निजी कंपनियों को टेंडर दिए जा रहे हैं।
ट्रांसफार्मर का कितना नुकसान हुआ है, ट्रांसफार्मर को खोले बगैर इसका आकलन कर बिजली बोर्ड को चूना लगाया जा रहा है। प्रदेश में मंडल स्तर के अधिकारी भी अपने स्तर पर इस तरीके के टेंडर करके बिना रोक-टोक मोटी कमाई करने के कार्य में लगे हुए हैं। बिजली मीटर जो बिजली बोर्ड की आमदन का स्रोत है, इन्हें बदलने का कार्य किसी दूसरी एजेंसी को नहीं देना चाहिए। क्योंकि इससे बिजली चोरी का अंदेशा भी बना रहेगा। यूनियन ने बिजली मीटर लगाने और बदलने जैसे संवेदनशील कार्य को किसी निजी एजेंसी को देने की बजाय अपने कर्मचारियों के माध्यम से करवाने की मांग की है।