शिक्षा विभाग की जमीन पर अतिक्रमण पर कार्रवाई शुरू
राजस्व विभाग ने निशानदेही के बाद रिपोर्ट प्रशासन को सौंपी
दुकानदारों ने नगर परिषद को मासिक किराया देने का तर्क दिया
नगर परिषद ने बिना शिक्षा विभाग की मंजूरी से बना दी दुकानें
अमर उजाला ब्यूरो
हमीरपुर। शिक्षा विभाग की जमीन पर अवैध कब्जों के खिलाफ जिला प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। एसडीएम, तहसीलदार और नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी के निरीक्षण के बाद राजस्व विभाग भी मुस्तैद हो गया है। राजस्व विभाग ने शुक्रवार को बाल स्कूल हमीरपुर के समीप बनी दुकानों की निशानदेही की। निशानदेही में पाया गया कि नगर परिषद ने जिन दुकानों और शेल्टर का निर्माण शहर में करवाया है, वह भूमि शिक्षा विभाग के नाम है। राजस्व विभाग ने शिक्षा विभाग की जमीन पर बनी दुकान व शेल्टर की मिसल तैयार कर रिपोर्ट प्रशासन को सौंप दी है। मिसल तैयार होने के बाद अब इन दुकानों पर हथोड़ा चलना तय हो गया है।
शिक्षा विभाग की जमीन पर बनी इन दुकानों की शिकायत करीब तीन साल पहले भी हुई थी लेकिन उस वक्त एसडीएम हमीरपुर द्वारा जारी किए गए जांच के निर्देश ठंडे बस्ते में पड़ गए थे। जांच न होने के बाद नगर परिषद की मंजूरी के बाद संबंधित जमीन पर एक और दुकान का निर्माण हो गया। अभी हाल ही में इस मामले की दोबारा जांच की मांग उठी। जिसके बाद जिला प्रशासन हरकत में आ गया है। हालांकि निशानदेही के दौरान दुकानदारों ने कहा कि दुकानें नगर परिषद ने बनाई हैं। वह नगर परिषद से मासिक किराये देकर कारोबार कर रहे हैं। वहीं प्रशासन ने भी सख्ती दिखाते हुए कहा कि नगर परिषद ने शिक्षा विभाग की मंजूरी के बिना अवैध दुकानों का निर्माण कैसे करवा दिया। उधर, एसडीएम हमीरपुर अरिंदम चौधरी ने कहा कि राजस्व विभाग ने शुक्रवार को निशानदेही कर ली है। रिपोर्ट आने के बाद शीघ्र आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने कहा कि जमीन शिक्षा विभाग के नाम है और दुकानों का निर्माण अवैध पाया गया है।