हमीरपुर। प्रदेश राजकीय प्रशिक्षक कला स्नातक संघ के प्रदेशाध्यक्ष सुरेश कौशल ने सरकार से चिरकाल से चली आ रही पुरानी पेंशन योजना की बहाली की मांग उठाई है। उन्होंने कहा कि पेंशन बुढ़ापे का एक मात्र सहारा है। इसके अतिरिक्त उन्होंने नए वेतनमान को लागू करने, अनुबंध की प्रथा को पूर्ण रूप से समाप्त करने, वर्ष 2008 या 2010 में अनुबंध पर नियुक्त हुए और 8 या 10 साल बाद नियमित हुए कर्मचारियों को प्रथम नियुक्ति से सभी लाभ देने की मांग उठाई है। भविष्य में सभी नियुक्तियां नियमित रूप से की जाएं। स्वच्छता अभियान को सुचारु रूप से चलाने के लिए एवं पर्यावरण को बचाने के लिए जिला स्तर पर पर्यावरण पर्यवेक्षक का पद सृजित किया जाए और इस पद पर प्रशिक्षित कला स्नातक की नियुक्ति की जाए।
कौशल ने कहा कि 4-9-14 की वेतन विसंगतियों को दूर किया जाए। पदोन्नति पर दो वर्ष के प्रोबेशन पीरियड को समाप्त किया जाए। 2002 में कमीशन से नियुक्त हुए अध्यापकों को न्यायालय की ओर से 2012 में नियुक्तियां दी गई हैं। इन अध्यापकों को 2002 से वरिष्ठता का लाभ दिया जाए। कौशल ने कहा कि शिक्षा विभाग में कई पद लंबे समय से रिक्त चल रहे हैं। सरकार इन पदों को जल्द भरें। उन्होंने कहा कि अध्यापकों को केवल पढ़ाई के कार्य में ही लगाया जाए और प्रमोशन के समय ली जाने वाली विकल्प की शर्तें का हटाया जाए। इस अवसर पर प्रदेश महासचिव ओम प्रकाश, उपप्रधान मदन ठाकुर, कोषाध्यक्ष संजय ठाकुर, प्रेस सचिव पवन रांगड़ा, महिला विंग की प्रदेशाध्यक्ष पवन बाला आदि उपस्थित रहे।