हमीरपुर। शिलान्यास और भूमि पूजन को एक दशक बीत गया है लेकिन, हमीरपुर जिला मुख्यालय में न तो पब्लिक और न ही प्राइवेट बस स्टैंड बन पाया है। सितंबर 2009 वह तारीख है, जब पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने हमीरपुर के पक्का भरो बाईपास के समीप पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मोड के तहत बनने वाले बहुमंजिला बस स्टैंड का भूमि पूजन के बाद शिलान्यास किया। पूर्व कांग्रेस सरकार अपने पांच साल का कार्यकाल पूरा कर सत्ता से बाहर है लेकिन, उन्होंने अपने कार्यकाल में यहां बस स्टैंड के नाम पर एक ईंट तक नहीं लगाई। कुछ इस तरह का हाल वर्तमान भाजपा सरकार का भी है।
जयराम सरकार पूरे प्रदेश में एक साल के विकास का डंका बजा रही है लेकिन, हमीरपुर में बस स्टैंड की कोई खबर नहीं ली। स्थानीय विधायक ने अपने चुनावी दृष्टि पत्र में बस स्टैंड के निर्माण का दावा किया था। नया बस स्टैंड न बनने के चलते एचआरटीसी के अलावा निजी बस ऑपरेटरों और यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। करोड़ों रुपये से खरीदी एचआरटीसी की बसें नालटी रोड पर सड़क किनारे खड़ी हो रही हैं। जबकि, निजी बसें होटल हमीरपुर के समीप खड़ी हो रही हैं। सड़क किनारे बसों को खड़ा करने से इन मार्ग पर दुर्घटनाओं का भी खतरा बना रहता है। उधर, पूर्व विधायक कुलदीप पठानिया और जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष नरेश ठाकुर ने मांग की है कि स्थानीय विधायक अपने चुनावी घोषणा पत्र में की गई घोषणाओं को शीघ्र पूरा करे।
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मौजूदा बस स्टैंड में 40 बसों की क्षमता
मौजूदा बस स्टैंड में महज 40 बसों की पार्किंग की क्षमता है। जबकि, एचआरटीसी हमीरपुर डिपो में ही 155 से अधिक बसें हैं। इसके अलावा 300 निजी बसें चल रही हैं। साढ़े चार सौ बसों के लिए मौजूदा बस स्टैंड नाकाफी है। पूर्व सीएम धूमल ने पक्का भरो बाईपास के समीप पीपीपी मोड पर नये बस स्टैंड के लिए 73 कनाल भूमि चिन्हित करवाई और इसे एचआरटीसी के नाम ट्रांसफर करवाया।
टेंडर के बाद आगामी प्रक्रिया शुरू होगी : अवतार
एचआरटीसी हमीरपुर के मंडलीय प्रबंधक अवतार सिंह का कहना है कि नये बस स्टैंड के लिए भूमि चिन्हित है और धूमल सरकार में भूमि पूजन हो चुका है। लेकिन, पीपीपी मोड के तहत बनने वाले बस स्टैंड का अभी तक टेंडर नहीं हुआ। टेंडर के बाद ही आगामी प्रक्रिया शुरू होगी।
मौजूदा बस स्टैंड में करीब 40 बसों को खड़ा करने की क्षमता
एचआरटीसी हमीरपुर के आरएम विवेक लखनपाल का कहना है कि मौजूदा बस स्टैंड में करीब 40 बसों को खड़ा करने की क्षमता है। जबकि, हमीरपुर डिपो में 155 से अधिक सरकारी बसें हैं। इसके अलावा निजी बसें भी हैं।