हमीरपुर। डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज हमीरपुर का स्पेशल सचिव स्वास्थ्य डॉ. निपुण जिंदल ने दौरा किया। इस दौरान डॉ. जिंदल ने अस्पताल में चल रही स्वास्थ्य सेवाओं तथा अन्य गतिविधियों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने वार्डों में जाकर मरीजों के स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में जाना। यह निरीक्षण मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया की गाइड लाइन के अनुसार मेडिकल कॉलेज की व्यवस्थाएं जांचने के लिए किया गया। अधूरी व्यवस्थाओं के साथ चल रहे मेडिकल कॉलेज में 4.3 करोड़ के कार्य अधूरे पड़े हैं। इनमें एडमिन ब्लॉक से लेकर ओटी तक का कार्य पेंडिंग है। स्पेशल सचिव ने जोलसप्पड़ में बनने वाले मेडिकल कॉलेज की भूमि का भी निरीक्षण किया। इसके बाद मेडिकल कॉलेज प्रबंधन के साथ घंटों बंद कमरे में मीटिंग भी की। इस दौरान क्षेत्रीय अस्पताल प्रबंधन भी मौजूद रहा। एमसीआई की गाइड लाइन के तहत मेडिकल कॉलेज का ढांचा तैयार होगा।
मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने वर्तमान व्यवस्थाओं के बारे में उन्हें अवगत करवाया। दोपहर बाद करीब तीन बजे तक मीटिंग चलती रही। अस्पताल में चल रही स्टाफ की कमी के बारे में भी उन्हें अवगत करवाया गया। आगामी सत्र में मेडिकल कॉलेज का दूसरा बैच शुरू हो जाएगा। हमीरपुर अस्पताल का भी जीर्णोद्धार होना है। इसकी व्यवस्थाएं बेहतर बनाने के लिए 4.3 करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे। इस दौरान हर विभाग के एचओडी भी सचिव से मिले। मेडिकल कॉलेज में चल रही स्टाफ की कमी से भी डॉ. जिंदल को अवगत करवाया गया। इस संबंध में एमएस डॉ. अनिल वर्मा का कहना है कि स्पेशल सचिव डॉ. निपुण जिंदल ने वीरवार को अस्पताल का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल की व्यवस्थाओं और कार्यों को जांचा। साथ ही मेडिकल कॉलेज की भूमि का भी निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि डॉ. जिंदल को अस्पताल की व्यवस्थाओं से भी अवगत करवाया गया।