हमीरपुर। जिला हमीरपुर के सरकारी स्कूलों में बच्चों की घटती संख्या ने सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को भी प्रभावित कर दिया है। कम बच्चों के कारण स्कूलों में विकास कार्य ठप पड़ गए हैं। पिछड़ा क्षेत्र स्कीम के तहत शिक्षा विभाग में केंद्र सरकार से आया बजट खर्च न होने से लैप्स होने की कगार पर है।
प्राइमरी स्कूलों में बच्चों की घटती संख्या के चलते स्कूल प्रभारियों ने शिक्षा विभाग से बजट मांगने में हाथ पीछे खींच लिए हैं। जिला हमीरपुर के पिछड़ा क्षेत्र स्कीम के तहत 40 प्राइमरी स्कूलों के लिए 14 लाख रुपये का बजट मिला है। लेकिन, अभी तक महज जिले के तीन स्कूलों ने ही इस बजट के तहत आवेदन किया है। जबकि शेष 37 सरकारी स्कूलों ने कोई डिमांड नहीं भेजी। भारत सरकार से बैकवर्ड एरिया सब प्लान के तहत सरकारी स्कूलों में नये भवन निर्माण, पुराने भवनों की मरम्मत, चारदीवारी निर्माण आदि के लिए बजट मिलता है। लेकिन, स्कूल के प्रभारियों को चिंता सता रही है कि अगर स्कूल में बच्चे ही नहीं रहेंगे तो उस बजट का क्या करेंगे। जिसके चलते अभी तक शिक्षा विभाग में बजट के लिए डिमांड भेजने से कतरा रहे हैं। उधर, प्रारंभिक शिक्षा विभाग के उपनिदेशक देशराज भडवाल ने माना कि जिला के महज तीन सरकारी स्कूलों ने बजट के लिए डिमांड भेजी है।