बड़सर(हमीरपुर)। बेरोजगार कला अध्यापक संघ हमीरपुर के सदस्यों ने कहा कि उन्होंने एससीवीटी से दो साल का डिप्लोमा किया है। जोकि हिमाचल सरकार की देन है। उन्होंने कहा कि सरकार ने हमेशा से ही कला अध्यापकों की अनदेखी की है। जिसका पता सीधे तौर पर सरकारी स्कूलों में कला अध्यापकों के रिक्त पड़े पदों से चलता है। बेरोजगार कला अध्यापक संघ हमीरपुर ने प्रदेश के मुख्यमंत्री को मांग पत्र भेजा है और रिक्त पड़े पदों को भरने की मांग की है।
बेरोजगार कला अध्यापक संघ के सदस्यों मदन लाल, प्रदीप कुमार, जीवन कुमार, प्रवीण कुमार, राजकर्ण, नवाज अली, देशराज, सतीश कुमार, सोहन लाल, हरिदास, प्रीतम चंद, निशा कुमारी, किरण कुमारी, बवीता कुमारी और विजय लक्ष्मी सहित अन्यों ने कहा कि इस समय हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में लगभग 1200 पद खाली पड़े हुए हैं। जिनमें से जिला हमीरपुर में लगभग 150 पद खाली हैं। उन्होंने कहा कि सरकार एक ओर शिक्षा में गुणवत्ता की बात करती है, अगर स्कूलों में अध्यापक नहीं होगें तो कौन अपने बच्चों को सरकारी स्कूल भेजेगा। सरकारी स्कूलों में हर वर्ष बच्चों की संख्या में कमी हो रही है। बेरोजगार संघ ने सरकार द्वारा चलाई जा रही एसएमसी पॉलिसी का भी विरोध किया है। उन्होंने मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री से मांग पत्र के माध्यम से गुहार लगाई है कि कला अध्यापकों के खाली पड़े पदों को बैचवाइज और कमीशन के तहत भरा जाए।
---