हमीरपुर।
शनिवार को वित्तीय वर्ष 2017-18 की समाप्ति हो गई। इसके बावजूद शिक्षा विभाग बजट को खर्च नहीं कर पाया। सरकार से राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान और सर्वशिक्षा अभियान के तहत करीब 22 करोड़ का बजट मिला था। इसे परियोजना निदेशक के माध्यम से स्कूलों में साइंस लैब, स्कूल भवन, स्कूल रसोई घर, फर्नीचर, स्कूली बच्चों की वर्दियों और किताबों आदि पर खर्च करना होता है। लेकिन लाखों का बजट इन दोनों शिक्षा अभियान के तहत खर्च नहीं किया गया है।
वहीं मिनी सचिवालय हमीरपुर में मौजूद जिला प्लानिंग विभाग के पास न तो बजट के आने का कोई रिकॉर्ड है और न ही खर्च का ब्योरा। हालांकि विभाग ने दावा किया है कि जिस भी हेड के तहत उनके पास बजट आया था, उसे आगे विभागों को बांटा जा चुका है। लेकिन अभी तक कितना पैसा खर्च हुआ है, इसकी रिपोर्ट विभागों से नहीं आई। आईपीएच, लोक निर्माण विभाग और नगर परिषद और नगर पंचायत ने दावा किया है उन्होंने सरकार से मिले बजट को समय पर खर्च कर दिया है।
आईपीएच हमीरपुर को 146 करोड़, लोनिवि को 99 करोड़ और नगर परिषद हमीरपुर को 3 करोड़ रुपये का सालाना बजट मिला था। इसे तीनों विभाग खर्च करने का दावा कर रहे हैं। जिला प्लानिंग ऑफिसर संजय परमार ने कहा कि उनके पास जिस भी हेड में बजट आया है, उसे आगे संबंधित विभागों का आवंटित कर दिया गया है। फिलहाल रिकॉर्ड नहीं है।