हमीरपुर। जिले में लंपी स्किन डिजीज (एलएसडी) का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। शनिवार को बीमारी के दो नए मामले सामने आने के बाद संक्रमित पशुओं की संख्या बढ़कर 66 हो गई है। अब तक चार पशुओं की मौत हो चुकी है।
इनमें तीन मौतें बड़सर और एक नादौन क्षेत्र में हुई है। बीमारी के बढ़ते मामलों को देखते हुए पशुपालन विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी और उपचार तेज कर दिया है। संक्रमित पशुओं का उपचार किया जा रहा है, जबकि जिले के अन्य क्षेत्रों में भी संभावित लक्षणों पर नजर रखी जा रही है।
विभाग के अनुसार, जिले में अब तक करीब 7,500 पशुओं का टीकाकरण किया जा चुका है। पशुपालन विभाग ने पशुपालकों से सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा है कि किसी पशु में लंपी के लक्षण दिखाई देने पर उसे तुरंत अन्य पशुओं से अलग करें और नजदीकी पशु चिकित्सालय से संपर्क करें।
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कैसे फैलता है लंपी वायरस
लंपी स्किन डिजीज गोवंश में होने वाली संक्रामक वायरल बीमारी है। यह कैप्रिपॉक्स वायरस के कारण होती है। मुख्य रूप से मच्छरों, काटने वाली मक्खियों और टिक जैसे रक्त चूसने वाले कीटों के माध्यम से एक पशु से दूसरे पशु तक फैल सकती है। बीमारी में पशु को बुखार आने के बाद शरीर की त्वचा पर गोल और उभरी हुई गांठें या नोड्यूल बनने लगते हैं।
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पशुओं का रोजाना टीकाकरण किया जा रहा है। पशुओं का समय पर टीकाकरण और बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर तत्काल उपचार संक्रमण की रोकथाम के लिए अहम है।
-डॉ. सतीश, सहायक निदेशक परियोजना, पशुपालन विभाग हमीरपुर