हमीरपुर। हिमाचल शिक्षक मंच ने शिक्षा विभाग और प्रदेश सरकार की प्रधानाचार्य के पदों पर 25 फीसदी सीधी भर्ती की प्रस्तावित नीति का सैद्धांतिक तौर पर पुरजोर समर्थन किया है। मंच के संयोजक सदस्यों अश्वनी भट्ट, संजय मोगू, अनिश बन्याल, संजीव राणा, तपिश थापा, विजय शमशेर भंडारी, अमित शर्मा और अजय चौधरी का कहना है कि प्रदेश सरकार का यह प्रस्ताव स्वागत योग्य है। क्योंकि इससे योग्य और नौजवान व्यक्तियों को शिक्षा विभाग की सेवा करने का मौका मिलेगा। वैसे भी देश के केंद्रीय विद्यालयों और नवोदय विद्यालयों में भी प्रधानाचार्य के पदों पर सीधी भर्ती होती रहती है। जिस कारण इनका स्तर प्रदेश की पाठशालाओं से ऊंचा माना जाता रहा है।
मंच के अनुसार सीधी भर्ती से चुने गए प्रधानाचार्यों के पास कार्य करने के लिए ज्यादा लंबा समय होगा और उनमें ऊर्जा भी भरपूर होगी। जिससे वह त्वरित निर्णय ले सकेंगे। इसका सीधा प्रभाव विभाग की कार्यप्रणाली और प्रदेश की शैक्षणिक व्यवस्था पर पड़ेगा। मंच ने सुझाव दिया है कि एचएएस अधिकारियों के प्रोवेशन समय के सेवाकाल में उन्हें वरिष्ठ माध्यमिक पाठशालाओं में कुछ समय के लिए नियुक्त किया जाए ताकि, वह भी शैक्षणिक व्यवस्था को गहराई से समझ सकें और बाद में जब वह शिक्षा के संबंध में नीतियां बनाएं तो उन्हें जमीनी समस्याओं की समझ हो। मंच सरकार के इस कदम के साथ खड़ा है और इस संबंध में शीघ्र ही मंच के संयोजक सदस्यों का एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री से मिल कर उन्हें इस नीति को शीघ्र अमल में लाने के लिए लिए ज्ञापन सौंपेगा।