हमीरपुर। महिला एवं बाल विकास विभाग के तत्वावधान में समेकित बाल विकास सेवाओं के वृत्त पर्यवेक्षकों के लिए हमीर भवन मेें बुधवार को एक दिवसीय डिजिटल साक्षरता प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें जिला ऊना, बिलासपुर तथा हमीरपुर जिला के 50 महिला मास्टर ट्रेनरों को प्रशिक्षण दिया गया। इस प्रशिक्षण का शुभारंभ डिप्टी डायरेक्टर शिमला राकेश भारद्वाज ने किया। आईटी विभाग से प्रोजेक्ट मैनेजर जितेंद्र, इंजीनियर जिला प्रबंधक अजय दत्तयाल तथा आईटी डिपार्टमेंट से संदीप कुमार, जिला कार्यक्रम अधिकारी वंदना चौहान, सीडीपीओ बिलासपुर नीलम साहू, हमीरपुर से मोनिका नैंटा ने भाग लिया।
आईटी डिपार्टमेंट ने सभी वृत्त पर्यवेक्षकों को महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा चलाई जा रही योजनाओं बारे जानकारी दी। कंप्यूटर का प्रयोग कैसे किया जाता है और विभाग द्वारा चलाई जा रही ऑनलाइन रिपोर्टिंग किस तरह की जानी है, का प्रशिक्षण दिया गया। सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं के लिए जो 100 दिन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, उसमें विभाग के 200 वृत्त पर्यवेक्षकों को डिजिटल साक्षरता कार्यक्रम के अंतर्गत प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा गया है। कार्यक्रम के अंतर्गत 20 को शिमला, 21 को हमीरपुर, 22 को कांगड़ा तथा 23 को मंडी जिला में यह कार्यक्रम रखा गया है। जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास हमीरपुर बंदना चौहान ने बताया कि डिजिटल प्रशिक्षण से विभागीय योजनाओं बेटी है अनमोल, मुख्यमंत्री कन्यादान योजना, विधवा पुनर्विवाह योजना, बाल-बालिका सुरक्षा योजनाओं को हर लाभार्थी ऑनलाइन आवेदन करने में सक्षम होगा। उन्होंने बताया कि प्रथम चरण में आईसीडीएस पर्यवेक्षकों को जबकि द्वितीय चरण में सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को डिजिटल साक्षरता कार्यक्रम के अंतर्गत प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।