उमेश कुमार शर्मा
हमीरपुर।
केंद्रीय सैनिक बोर्ड की ओर से पूर्व सैनिकों के बच्चों को पढ़ाई के लिए दिए जाने वाले वित्तीय अनुदान के लिए इस वर्ष बच्चों का रुझान बढ़ा है। अनुदान के लिए इस बार बच्चों के आवेदन पिछले वर्ष के मुकाबले दोगुना हो गए हैं। बीते वर्ष अनुदान के लिए दसवीं से ग्रेजुएशन तक के आठ सौ बच्चों ने आवेदन किया था। वहीं, इस बार आवेदनों की संख्या 1550 हो गई है।
विभाग ने दसवीं तक के छात्रों के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 30 सिंतबर और बारहवीं तक के छात्रों के लिए 31 अक्तूबर रखी थी। वही, ग्रेजुएशन लेवल के लिए विभाग ने आवेदन की अंतिम तिथि 30 नवंबर रखी थी। इसके तहत 1550 छात्रों ने इस वर्ष वित्तीय अनुदान के लिए आवेदन किया है। जो पिछले वर्ष के मुकाबले करीब दोगुना हैं। सैनिक कल्याण विभाग के प्रचार-प्रसार के कारण बच्चों के आवेदनों में वृद्धि हुई है।
सैनिक कल्याण विभाग ने सैनिकों पूर्व सैनिकों और आश्रितों के लिए संचालित योजनाओं का वर्णन अपनी पत्रिका में भी किया है। ये पत्रिका प्रत्येक सैनिक, पूर्व सैनिक और आश्रित तक पहुंचाई जा रही है। इससे लाभार्थियों को योजनाओं का पता चल रहा है। इस वित्तीय अनुदान के अंतर्गत हवलदार रैंक तक के पूर्व सैनिकों के बच्चों को पढ़ाई के लिए एक हजार रुपये प्रतिमाह वित्तीय सहयता केंद्रीय सैनिक बोर्ड की ओर से दी जाती है।
सैनिक कल्याण विभाग के निदेशक ब्रिगेडियर एसके वर्मा का कहना है कि इस बार वित्तीय अनुदान के लिए पूर्व सैनिकों के 1550 बच्चों ने आवेदन किया है। पूर्व के वर्ष में केवल आठ सौ बच्चों ने ही आवेदन किया था। इस बार योजनाओं के प्रसार के कारण आवेदनों में दोगुनी वृद्धि हुई है।