हमीरपुर। करोड़ों रुपये के गबन के मामले में बहुचर्चित दि बल्यूट सहकारी सभा वर्तमान में माली हालत से गुजर रही है। सभा के पास अपने सरकारी राशन डिपो को चलाने के लिए पैसे तक नहीं हैं। वर्तमान में इलाके के राशनकार्ड धारकों को समय पर राशन उपलब्ध करवाना इस सभा के लिए टेढ़ी खीर साबित हो रहा है। सभा उधारी के पैसे से हिमाचल प्रदेश राज्य नागरिक आपूर्ति निगम से राशन खरीदकर अपने उपभोक्ताओं को उपलब्ध करवा रही है।
साढ़े तीन करोड़ के गबन मामले में यह सहकारी सभा चर्चा में रही है। इस मामले में पुलिस थाना हमीरपुर में 23 मई 2017 को धोखाधड़ी और लोगों की धनराशि को हड़पने के आरोप में सचिव के खिलाफ केस दर्ज हुआ था। जिसके बाद सभा का सचिव अपने परिवार समेत गायब हो गया था। लंबे समय तक जगह-जगह छापे मारने के बाद आरोपी को पंजाब से गिरफ्तार किया लेकिन, उससे किसी तरह की रिकवरी नहीं हो पाई। इस सभा में साढ़े पांच सौ से अधिक सदस्य हैं। जिनके पैसे की भरपाई सभा की संपत्तियों को बेच की जा सकती थी। लेकिन, सहकारी सभा का कार्यालय भवन भी किसी अन्य बैंक के पास गिरवी रखा है। जिसके चलते अब उम्मीद की किरण खत्म हो चुकी है। ऑडिट के बाद करीब 186 लोगों के नाम ऋण सामने आए। सहकारी सभाएं विभाग ने जब ऋणधारकों को नोटिस भेजे तो उनमें से केवल एक ही व्यक्ति ने ऋण लेने की बात मानी। जबकि, 185 लोग मुकर गए। इन्होंने किसी तरह के ऋण लेने की बात से इंकार कर दिया। वर्तमान में बल्यूट सहकारी सभा की हालत बहुत खराब हो चुकी है। इस मामले को 3 फरवरी को विस अध्यक्ष राजीव बिंदल की अध्यक्षता में आयोजित जनमंच में भी लोगों ने उठाया। जहां से निरीक्षक रैंक के अधिकारी को जांच का जिम्मा सौंपने के आदेश हुए हैं लेकिन, अभी तक कोई खास परिणाम सामने नहीं आया है। उधर, हिप्र सहकारी सभाएं विभाग के सहायक पंजीयक अशोक चौहान ने कहा कि मामले की छानबीन की जा रही है। लेकिन, 186 में से एक व्यक्ति ने ही ऋण लेने की बात कबूली है।