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गांधी चौक पर

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हमीरपुर। सीटू और अन्य केेंद्रीय ट्रेड यूनियन के आह्वान पर केंद्र सरकार की मजदूर और कर्मचारी विरोधी नीतियों के खिलाफ सीटू तथा अन्य ट्रेड यूनियन के हजारों मजदूर 8 व 9 जनवरी को हड़ताल करेंगे। इस दौरान कर्मचारी और मजदूर हजारों की संख्या में एकत्रित होकर गांधी चौक हमीरपुर पर प्रदर्शन करेंगे। सीटू के राष्ट्रीय सचिव डा. कश्मीर सिंह ठाकुर ने कहा कि पिछले साढ़े 4 वर्षों में नरेंद्र मोदी सरकार ने मजदूरों व कर्मचारियों पर जबरदस्त हमला किया है। मनरेगा का बजट कम कर दिया। जिस कारण गांवों में मजदूरों को काम नहीं मिल रहा। पंचायतों में कभी सीमेंट का पैसा नहीं आता तो कभी लेबर कंपोनेंट का पैसा नहीं आता। ग्रामीण क्षेत्रों में मनरेगा के कार्य ठेके पर किए जा रहे हैं। आंगनबाड़ी केंद्रों को बंद करने का षड्यंत्र किया जा रहा है। केंद्र सरकार ने दिवाली के समय आंगनबाड़ी वर्कर्स और हेल्पर्स के मानदेय में बढ़ोतरी की घोषणा की थी, परंतु आज तक उसे आंगनबाड़ी वर्कर्स को नहीं दिया गया। बिजली का कार्य ठेकेदारों के हवाले देने का खाका तैयार किया गया है।
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केंद्र सरकार श्रम कानूनों में मजदूर विरोधी परिवर्तन कर रही है। रेगुलर नौकरियां खत्म कर आउटसोर्स और ठेका प्रथा तेजी से लागू कर दी है। केंद्र सरकार की नीतियों के कारण महंगाई लगातार बढ़ गई है। सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के अनुसार अकुशल मजदूरों को 18000 रुपये न्यूनतम मासिक वेतन देने की सिफारिश की गई, परंतु सरकार इसे लागू नहीं कर रही है। सीटू की मांग है कि मजदूरों को 18000 मासिक न्यूनतम वेतन दिया जाए और पेंशन सुविधा भी लागू की जाए। मनरेगा मजदूरों को भी केंद्र सरकार की ओर से तय न्यूनतम वेतन दिया जाए। इसके साथ ही अन्य मांगों में ठेकेदारी और आउटसोर्स प्रणाली को खत्म करना, श्रम कानूनों में मजदूर विरोधी संशोधन वापस लिए जाएं, सरकार महंगाई को रोकने के लिए तत्काल कदम उठाए, मजदूरों को पेंशन सुविधा दी जाए व पुरानी पेंशन का बहाल किया जाए, आंगनबाड़ी, मिड डे मील और आशा वर्कर्स को तृतीय श्रेणी का कर्मचारी बनाया जाए, सार्वजनिक क्षेत्र जैसे बैंक, बीमा, बीएसएनएल, रक्षा, बिजली, रेलवे आदि का विनिवेश और निजीकरण न किया जाए और निर्माण मजदूरों का निर्माण श्रमिक कल्याण बोर्ड में पंजीकरण किया जाए। इन सभी मांगों को लेकर मजदूर और कर्मचारी 8 व 9 जनवरी को जोरदार प्रदर्शन करेंगे।
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