मेडिकल कॉलेज हमीरपुर के पुरुष मेडिकल वार्ड के एक बिस्तर पर उपचाराधीन दो मरीज।
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हमीरपुर। समय सुबह 11 बजकर 40 मिनट। मेडिकल कॉलेज हमीरपुर के पुरुष मेडिकल वार्ड के सभी बिस्तर फुल हैं। नौ बिस्तर ऐसे हैं जहां पर दो-दो मरीज भर्ती हैं। एक बिस्तर पर दो मरीज होने के चलते दो बिस्तरों के मरीज बिस्तर से उठकर बाहर टहल रहे हैं, जबकि जो ज्यादा बीमार हैं वह बिस्तर पर आराम कर रहे हैं। जिन बिस्तरों पर दो-दो मरीज हैं, उन पर मरीजों को आराम करने में दिक्कत हो रही है। वे बिस्तर पर लेटने की बजाय बैठकर समय व्यतीत कर रहे हैं। पुरुष मेडिकल वार्ड में 25 बिस्तर हैं और इन पर 34 मरीज भर्ती हैं।
समय 11 बजकर 52 मिनट। महिला मेडिकल वार्ड में भी 25 बिस्तरों पर 32 मरीज उपचाराधीन हैं। बिस्तरों पर रोगियों को ही उचित जगह नहीं मिल रही है, जबकि तीमारदार भूमि आसन लगाए हैं। कई तीमारदार बाहर गैलरी में बैठे हैं। एक बिस्तर पर दो-दो मरीज होने से मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। वहीं अस्पताल के दोनों वार्ड खचाखच भरे होने के चलते चिकित्सक महज गंभीर मरीजों को ही दाखिल कर रहे हैं, जबकि सामान्य बीमार मरीजों को उपचार देकर घर भेज रहे हैं। पुरुष मेडिकल वार्ड में अधिकतर सांस और हृदय रोगी मरीज दाखिल हैं।
मरीज शैलेंद्र कुमार, प्रवीन कुमार ने कहा कि उन दोनों का उपचार एक ही बिस्तर पर चल रहा है। वहीं प्रेम सिंह व प्रकाश सिंह भी एक बिस्तर पर उपचाराधीन हैं। मरीजों का कहना है कि ऐसे में उन्हें परेशानी झेलनी पड़ रही है। अस्पताल प्रबंधन को मरीजों की संख्या बढ़ने पर वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए। इस संबंध में एमएस डॉ. रमेश चौहान ने कहा कि मरीजों की संख्या अधिक होने के चलते समस्या पेश आ रही है। अस्पताल प्रबंधन मरीजों को उचित सुविधाएं दे रहा है।