हमीरपुर। हिमाचल प्रदेश राज्य बिजली परिषद तकनीकी कर्मचारी महासंघ हमीरपुर की कार्यकारिणी की बैठक जिला प्रधान प्रदीप ठाकुर की अध्यक्षता में हुई। इसमें विभिन्न मुद्दों पर गंभीरता से चर्चा की गई। प्रदीप ठाकुर ने कहा कि बिजली बोर्ड की सर्विस कमेटी की बैठक का रद्द होना निंदनीय है। क्योंकि प्रदेश तकनीकी कर्मचारियों को जो मुख्यमंत्री ने तोहफे दिए थे, इस बैठक में उन सभी मुद्दों पर निर्णय होना था। तकनीकी कर्मचारियों को मोबाइल भत्ता, 115 पद एससीए के जेई स्टेशन हैंडओवर, पदोन्नति और लाइनमैन का फोरमैन बनने के लिए सात वर्ष से पांच वर्ष की समय अवधि करना आदि मुद्दों पर निर्णय होना था। तकनीकी कर्मचारियों ने कहा है कि सर्विस कमेटी की बैठक एक सप्ताह के भीतर नहीं हुई तो बोर्ड कार्यालय के बाहर धरना दिया जाएगा।
इसकी पूरी जिम्मेवारी बोर्ड मैनेजमेंट की होगी। बिजली मंडल हमीरपुर और टीएंडसी मंडल हमीरपुर मटनसिद्ध में जिन कर्मचारियों को आवास अलॉट हुए हैं उनमें कम ही कर्मचारी रहते हैं। कई कर्मचारियों ने आवास सबलेट किए हुए हैं। इसके बारे में कई बार अधिकारियों को बताया भी गया है, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। बिजली मंडल नादौन में जो घटना तकनीकी कर्मचारियों से घटित हुई है, संघ उसकी कड़ी आलोचना करता है। उन्होंने बोर्ड अधिकारियों से मांग की है कि ऐसे लोगों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। तकनीकी कर्मचारियों को फील्ड में काम करने के लिए हैंड गलव्ज, यूज वायर, ब्लैक टेप, रेनकोट कर्मचारियों को उपलब्ध करवाए जाएं। बैठक में जिला सचिव दिनेश ठाकुर, वित्त सचिव राकेश कुमार, जिला उपप्रधान विपिन सांख्यान, सुनील कुमार, बड़सर जोन प्रधान गौतम पाल, सचिव विवेक कुमार, उपप्रधान अंकित कुमार, हमीरपुर से रणजीत सिंह, सचिव सुशील कुमार व जिला संगठन मंत्री कर्मचंद सहित जिला कार्यकारिणी के सभी सदस्यों ने भाग लिया।