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अश्वनी चंबियाल ही होंगे जिला विज्ञान पर्यवेक्षक

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हमीरपुर। जिला विज्ञान पर्यवेक्षक अपने पद पर बने रहेंगे। उन्हें राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कंज्याण भेजने के तबादला आदेश प्रदेश शिक्षा विभाग ने रद्द कर दिए हैं। प्रदेश उच्च न्यायालय के आदेश पर प्रशासनिक ट्रिब्यूनल ने अश्वनी चंबियाल के पक्ष में फैसला सुनाया है। प्रशासनिक ट्रिब्यूनल के फैसले के बाद प्रदेश शिक्षा विभाग ने पूर्व में जारी उनके तबादला आदेश रद्द कर दिए हैं।
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प्रदेश शिक्षा विभाग के आदेशों के बाद अब अश्वनी चंबियाल ही जिला विज्ञान पर्यवेक्षक रहेंगे। इससे पहले शिक्षा विभाग ने 29 जनवरी 2018 को जिला विज्ञान पर्यवेक्षक अश्वनी चंबियाल को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कंज्याण में विज्ञान अध्यापक के पद पर तबादला आदेश जारी किए थे। जबकि कंज्याण स्कूल में तैनात विज्ञान अध्यापक सुधीर चंदेल का तबादला जिला विज्ञान पर्यवेक्षक के पद पर किया था। विभाग के तबादला आदेशों को अश्वनी चंबियाल ने प्रशासनिक ट्रिब्यूनल में चुनौती दी थी। ट्रिब्यूनल में दायर याचिका में इन तबादला आदेशों को नियुक्ति एवं पदोन्नति नियमों के विरुद्ध बताया गया था। अश्वनी चंबियाल को ट्रिब्यूनल से स्टे मिलने के बाद सुधीर चंदेल प्रदेश उच्च न्यायालय चले गए। लेकिन, उच्च न्यायालय ने ट्रिब्यूल को इस मामले में सुनवाई के लिए कहा। करीब पांच माह तक एक पद पर दो अधिकारियों के बने रहने से शिक्षा विभाग में काफी चर्चा रही। लेकिन, अब न्यायालय के आदेशों पर शिक्षा विभाग ने तबादला आदेश रद्द कर दिए। वहीं कंज्याण स्कूल से जिला विज्ञान पर्यवेक्षक के पद पर भेजे गए अध्यापक सुधीर चंदेल को वापस कंज्याण भेजने के बजाय रावमापा बगवाड़ा भेजा गया है। जबकि, बगवाड़ा स्कूल में तैनात विज्ञान अध्यापक नरेश कुमार का तबादला कंज्याण स्कूल के लिए हुआ है। उधर, प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक हमीरपुर देशराज बरवाल का कहना है कि शिक्षा विभाग ने अश्वनी चंबियाल का तबादला आदेश रद्द कर दिए हैं। सुधीर चंदेल को अब कंज्याण के बजाय बगवाड़ा स्कूल में भेजा गया है।

डाइट में भी पांच महीने से दो प्रधानाचार्य दे रहे सेवाएं
जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) गौना करौर में पिछले पांच माह से दो प्रधानाचार्य एक ही पद पर सेवाएं दे रहे हैं। 13 मार्च 2018 को यहां पर तैनात प्रधानाचार्य जगदीश कौशल के शिमला के एक स्कूल के लिए और शिमला के अध्यापक राजेंद्र पाल के डाइट गौना करौर के लिए तबादला आदेश हुए थे। लेकिन, दोनों प्रधानाचार्यों ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया, जहां से दोनों को स्टे मिला हुआ है। इस बीच डाइट में सेवाएं देते हुए दोनों प्रधानाचार्यों का झगड़ा पुलिस थाना नादौन, एसडीएम और शिक्षा निदेशालय तक पहुंच चुका है लेकिन, अभी तक विभाग कोई निर्णय नहीं ले पाया है। एक पद पर दो-दो अधिकारियों के डटे रहने से सरकारी खजाने को भी चपत लग रही है। वहीं स्कूलों में अध्यापकों की कमी के कारण बच्चों की पढ़ाई अलग से प्रभावित हो रही है।
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