भूमि विवाद और सीवरेज लाइन का लेवल न बनने का हवाला देकर विभाग पल्ला झाड़ रहा है। शहर में कुल 11 वार्ड हैं। इनमें से वार्ड नंबर 7, 8, 10 और 11 में अधिकतर परिवारों के पास सीवरेज कनेक्शन नहीं हैं। इन परिवारों ने अस्थायी शौचालय बनाए हैं या खुले में शौच जा रहे हैं।
सीवरेज लाइनें जगह-जगह से लीकेज कर रही है, लेकिन आईपीएच विभाग या नगर परिषद लीकेज सीवरेज लाइन की मरम्मत नहीं कर रही है। हैरत की बात है कि जिला प्रशासन ने हमीरपुर जिला को खुला शौचमुक्त घोषित कर दिया है।
अब जिला के खुला शौचमुक्त होने पर सवाल उठना लाजिमी है। हालांकि सीवरेज कनेक्शन से महरूम परिवार नगर परिषद हमीरपुर से ही कनेक्शन लेने को गुहार लगा चुके हैं। नगर परिषद हमीरपुर ने सीवरेज कनेक्शन से वंचित परिवारों को कनेक्शन दिलाने के लिए एक प्रपोजल शहरी विकास के आला अधिकारियों को भेज दिया है।
नप हमीरपुर के कार्यकारी अधिकारी विनोद कुमार का कहना है कि 400 परिवार सीवरेज कनेक्शन से महरूम हैं। शहरी विकास के उच्चाधिकारियों को प्रपोजल भेजा गया है। आईपीएच विभाग को सीवरेज लाइनों की मरम्मत को पत्र भेजा है।