हमीरपुर। जिला में बारिश के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। बीती रात से हो रही बारिश मंगलवार सुबह तक जारी रही। बारिश के कारण जलशक्ति विभाग की 39 पेयजल स्कीमें प्रभावित हुई हैं।
लगवालती-बमसन स्कीम के तहत ऊहल पंप हाउस में पानी भर गया है। जल शक्ति विभाग को 24 घंटों में करीब दो करोड़ 77 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। योजनाएं प्रभावित होने के कारण कई जगहों पर पानी का संकट पैदा हो गया। वहीं, बिजली बोर्ड के करीब 31 ट्रांसफार्मर प्रभावित हो गए थे।
हालांकि, इनमें से 28 ट्रांसफार्मर बहाल हो गए हैं। वहीं, 13 खंभे भी टूटे हैं। इस कारण कई क्षेत्रों में बिजली सेवा बाधित हो गई है। जिन क्षेत्रों में बिजली सेवा बाधित हुई है, वहां अन्य नजदीकी खंभे से बिजली देने का प्रयास किया जा रहा है। हमीरपुर के वार्ड नंबर दो में भी खंभा गिर गया था। इस कारण सब्जी मंडी हमीरपुर सहित अन्य क्षेत्रों में बिजली बाधित हो गई। एक घंटे के बाद बिजली बहाल हो पाई। बोर्ड अभी नुकसान का आकलन कर रहा है।
भूस्खलन होने के कारण पांच सड़कें बाधित हो गईं। हालांकि इन सभी को बहाल कर लिया गया है। मतलाणा-समीरपुर सड़क बंद हो गई थी। इसे डेढ घंटे बाद बहाल किया गया। उहल-परनियाली, सुजानपुर-संधोल, सुजानपुर से कोट वाया चूहक मार्ग भी कुछ समय के लिए बंद हो गए थे, इन्हें भी बहाल किया जा रहा है।
जिले में अब तक 103.59 करोड़ का नुकसान
गत 24 घंटों के दौरान कच्चे मकान और तीन डंगे आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। बमसन में दो और ककड़ियार में एक कच्चे मकान को नुकसान हुआ। दरोगन, गवारडू और मधियार में एक-एक डंगा क्षतिग्रस्त हुआ है। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष अमरजीत सिंह ने बताया कि इस मानसून सीजन के दौरान जिले में सरकारी और निजी संपत्ति के नुकसान का आंकड़ा 103.59 करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। इस दौरान जिले में जल शक्ति विभाग को सर्वाधिक 59.95 करोड़ रुपये, लोक निर्माण विभाग को 41.07 करोड़, बिजली बोर्ड को 81.69 लाख और शिक्षा विभाग को 23.68 लाख रुपये की क्षति हुई है।