नादौन(हमीरपुर)। प्रदेश बिजली बोर्ड कर्मचारी संघ के प्रदेशाध्यक्ष कुलदीप सिंह खरबाड़ा ने कहा कि बोर्ड के अधिकतर अधिकारी छोटे-छोटे कार्यों को कर्मचारियों से करवाने की बजाय टेंडर प्रक्रिया कर ठेकेदारों के माध्यम से ही करवाने को तरजीह देते हैं। कुछ अधिकारी तो टेंडर आवंटित करने के बाद काम बोर्ड के कर्मचारियों से करवाकर गड़बड़ कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसा ही वाकया बिजली मंडल सुंदरनगर के अधीन 33/22/11केवी सब-स्टेशन में 18 मार्च 2019 को उजागर हुआ। जब एक लाइनमैन प्रभु राम, 33/22/11 केवी सब-स्टेशन यार्ड में काम करते वक्त दुर्घटना का शिकार हुआ और 26 मार्च को पीजीआई चंडीगढ़ में उसकी मृत्यु हो गई। यूनियन द्वारा जब जांच पड़ताल करने के बाद पता चला कि जिस काम को बिजली कर्मचारियों से करवाया जा रहा था, उसका टेंडर ठेकेदार के नाम पर अवार्ड किया गया था।
खरबाड़ा ने कहा कि हैरानी की बात तो यह है कि जब प्रभु राम लाइनमैन ऊपर से नीचे गिरा, वहां साथ में थोड़ी दूरी पर कुर्सियों पर बैठे बोर्ड के दो अधिकारी एकदम वहां से भाग गए और घायल लाइनमैन को ठेकेदार अपनी गाड़ी में डाल कर अस्पताल ले गया। उन्होंने कहा कि यूनियन ने पर्याप्त सबूतों के साथ इस हादसे के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई के लिए बिजली बोर्ड के प्रबंधक वर्ग को पत्र लिखा है, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हो पाई। यही वजह है कि बिजली बोर्ड के कई अधिकारी बेखौफ होकर बिजली बोर्ड को कंगाल बनाने में लगे हुए हैं। यूनियन ने बिजली बोर्ड के प्रबंधन वर्ग से मांग की है कि समय रहते मामले की जांच कर दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। अन्यथा यूनियन संघर्ष का रास्ता अपनाएगी।