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हमीरपुर की महिलाएं बनीं अपराजिता, आईएएस अधिकारी के वेतन बराबर पा रही

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हमीरपुर। जिले की घरेलू कामकाजी महिलाओं ने अपराजिता बनकर प्रदेश में मिसाल कायम की है। जिले में आधा दर्जन महिलाएं प्रतिमाह एक आईएएस अधिकारी के बराबर आमदन कमा रही हैं। कई महिलाएं ऐसी हैं जो प्रतिमाह एक से डेढ़ लाख रुपये कमीशन प्राप्त कर रही हैं। भारत सरकार की लघु बचत योजना ने ग्रामीण महिलाओं की तकदीर बदल दी है। महिलाओं ने अपने दम पर जिला हमीरपुर को लघु बचत योजना में पहले पायदान पर पहुंचा दिया है। वित्तीय वर्ष 2017-18 में अकेले जिला हमीरपुर ने लघु बचत योजना के तहत सरकारी खजाने में 323.43 करोड़ रुपये जमा करवा कर प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है।
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जिला हमीरपुर में वर्तमान में 1409 महिला प्रधान बतौर क्षेत्रीय योजना अभिकर्ताएं काम कर रही हैं। इसके अलावा 1122 एसएएस अभिकर्ता (स्टैंडर्डाइज्ड एजेंसी सिस्टम) काम कर रहे हैं। यह महिला अभिकर्ताएं गांव में घर-घर जाकर लघु बचत योजना से परिवारों को जोड़ रही हैं। बचत खाता खोलने पर इन महिलाओं को सरकार की तरफ से 4 फीसदी कमीशन और एफडीआर खोलने पर आधा फीसदी कमीशन मिलता है। बता दें कि वर्ष 1971-72 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने देश की महिलाओं को सशक्तीकरण की दिशा में कई योजनाओं से जोड़ कर इनकी आर्थिकी मजबूत करने का निर्णय लिया था। इसी कड़ी में भारत सरकार के वित्त विभाग ने लघु बचत योजना शुरू की। जिससे हमीरपुर की कई महिलाओं की आर्थिकी में सकारात्मक बदलाव आया है। पूर्व में लघु बचत योजना के तहत काम करने वाली अभिकर्ताओं और भारतीय डाक विभाग के कर्मचारियों को वार्षिक समारोह में सम्मानित किया जाता रहा है। आखिरी बार जिला स्तर का यह सम्मान समारोह वर्ष 2012 में हुआ था। जिससे कई महिलाएं और बेहतर कार्य करने के लिए प्रोत्साहित होती थीं, लेकिन वर्तमान में यह योजना बंद है।

बाक्स:
यह महिलाएं बनीं प्रेरणास्रोत-
हमीरपुर के तहत आते कस्बा जाहू से दीपिका सोनी, भोरंज से पूजा, गलोड़ से स्वदेश, मैहरे से सुदर्शना, हमीरपुर से नीना शर्मा और बिझड़ से सुलोचना प्रतिमाह एक से डेढ़ लाख रुपये कमीशन हासिल कर रही हैं। इन महिला एजेंट्स की अभूतपूर्व मेहनत जिले की अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणास्रोत बनी है। यह सभी महिलाएं नए बचत खाते खोलकर प्रतिमाह सरकारी खजाने में 20 से 40 लाख रुपये जमा करवा रही हैं। जिला हमीरपुर में वर्तमान में 52348 बचत खाते और 34,400 एफडी समेत अन्य खाते चल रहे हैं।
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2500 से अधिक पहुंचाई अभिकर्ताओं की संख्या : बसरा
जिला लघु बचत कार्यालय हमीरपुर के प्रभारी रूपलाल बसरा का कहना है कि हमीरपुर जिला बचत योजना में प्रदेश भर में पहले नंबर पर रहा है। उन्होंने इसका श्रेय जिले की महिला एजेंट्स को दिया है। उन्होंने कहा कि कई महिलाएं उनके पास कार्यालय में आकर लघु बचत योजना से जुड़ अपनी आर्थिकी मजबूत कर रही हैं। दसवीं पास और 18 वर्ष से अधिक आयु की कोई भी महिला जो सरकारी क्षेत्र में सेवारत नहीं है, इस योजना से जुड़ अभिकर्ता बन सकती है। उन्होंने जब 1994 में हमीरपुर जिला का कार्यभार संभाला तो उस समय लघु बचत में महज 100 अभिकर्ता थे, लेकिन वर्तमान में ढाई हजार से अधिक अभिकर्ता जुड़ चुके हैं।
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पिछले सात सालों में इतने करोड़ हुए जमा-
वर्ष उपलब्धि
2011-12 96.87 करोड़
2012-13 108.25 करोड़
2013-14 141.01 करोड़
2014-15 160.00 करोड़
2015-16 207.00 करोड़
2016-17 191.79 करोड़
2017-18 323.43 करोड़
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