हमीरपुर। उपायुक्त डॉ. रिचा वर्मा ने बुधवार को कौशल विकास भत्ता योजना की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्र में चल रहे सभी प्रशिक्षण केंद्रों का नियमित रूप से औचक निरीक्षण किया जाएगा। यदि किसी प्रशिक्षण केंद्र में किसी किस्म की अनियमितता पाई जाती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। डॉ. रिचा ने बताया कि निजी क्षेत्र के प्रशिक्षण केंद्रों को कौशल विकास भत्ता योजना के अंतर्गत सूचिबद्ध करने के लिए मानक निर्धारित किए गए हैं।
इन निर्धारित मानकों के अनुसार उपमंडल स्तर पर संबंधित एसडीएम की अध्यक्षता में निरीक्षण समितियां अपनी रिपोर्ट जिला स्तरीय कमेटी को सौंपेंगी। जिसके आधार पर जिलास्तरीय कमेटी अपनी सिफारिशें श्रम एवं रोजगार विभाग को भेजेंगी। बैठक में उपस्थित सदस्यों ने प्रदेश सरकार की ओर से जारी की गई अधिसूचना पर चर्चा की तथा आईटी सेक्टर में चल रहे प्रशिक्षण केंद्रों को इस योजना के अंतर्गत श्रम एवं रोजगार विभाग को सिफारिश करने के बारे में भी विस्तार से चर्चा की गई। कौशल विकास योजना के तहत लाभार्थियों को प्रशिक्षण की बेहतर सुविधा सुनिश्चित की जाए। जिला रोजगार अधिकारी योग राज धीमान ने जिले में कौशल विकास भत्ता योजना के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कौशल विकास भत्ता योजना के अंतर्गत हमीरपुर जिले में 19,973 लाभार्थियों को 19 करोड़ 7 लाख 37 हजार रुपये का भत्ता दिया जा चुका है।