हमीरपुर। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव एवं घुमारवीं के पूर्व विधायक राजेश धर्माणी ने कहा कि कांग्रेस में पार्टी से ऊपर कोई बड़ा नेता नहीं हो सकता। बुधवार को हमीरपुर के परिधिगृह में आयोजित पत्रकार वार्ता में उन्होंने लोकसभा चुनावों से पूर्व संसदीय क्षेत्र में सक्रिय हुए पार्टी के कुछ पदाधिकारियों को लेकर यह बात कही। बता दें कि लोस चुनाव से पूर्व हमीरपुर से दो और बिलासपुर जिला से एक कांग्रेस नेता ने अभी से चुनाव को लेकर गांव-गांव में बैठकों का दौर शुरू कर दिया है।
धर्माणी ने कहा कि पार्टी हाईकमान को लोकसभा चुनाव से करीब दो माह पूर्व प्रत्याशियों के नामों की घोषणा करनी चाहिए, ताकि पार्टी प्रत्याशी को चुनाव प्रचार के लिए पर्याप्त समय मिले। मोदी सरकार ने भ्रष्टाचार को खत्म करने, महंगाई कम करने, महिला सुरक्षा, कालाधन वापस लाने, हर साल एक करोड़ युवाओं को रोजगार और 56 इंच का सीना बताकर पाकिस्तान के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने समेत अपना एक भी चुनावी वायदा पूरा नहीं किया। इसके अलावा राफेल के रूप में देश में सबसे बड़ा घोटाला हुआ है। धर्माणी ने कहा कि सौदे से महज 13 दिन पहले अंबानी की कंपनी का गठन कर उसे फ्रांस से लड़ाकू विमान खरीदने का कार्य सौंप दिया। सरकारी एजेंसी को नजरअंदाज कर मोदी सरकार ने देश के वैज्ञानिकों का अपमान किया है। चूंकि यूपीए सरकार में 8 राफेल खरीदने और शेष विमान देश में बनाने और तकनीक हस्तांतरण का समझौता हुआ था। राहुल गांधी ने राफेल सौदे की जानकारी मांगी तो केंद्र सरकार ने इसे गोपनीयता का हवाला देते हुए जानकारी देने से इंकार कर दिया। कांग्रेस ने संसदीय जांच समिति, सीवीसी और कैग से जांच की मांग है लेकिन, अभी तक कोई सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई। उनके साथ जिला अध्यक्ष नरेश ठाकुर, कांग्रेस प्रवक्ता प्रेम कौशल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुमन भारती, पूर्व विधायक कुलदीप पठानिया, महामंत्री अजय शर्मा, मनोज शर्मा, होशियार सिंह, एडवोकेट केसी भाटिया, अश्वनी कुमार शर्मा समेत अन्य मौजूद रहे।