बड़सर (हमीरपुर)। विद्युत उपमंडल बड़सर में तकनीकी कर्मचारियों के 30 पद लगभग एक साल से खाली चल रहे हैं। उपमंडल में 33 केवी और 11 केवी की लगभग पौने दो सौ किलोमीटर लंबी विद्युत लाइन तथा 165 ट्रांसफार्मर बिजली आपूर्ति सुचारु रखने का जिम्मा मात्र तीन दर्जन कर्मचारियों के हवाले है। कर्मचारियों की कमी के चलते बिजली आपूर्ति सुचारु रखना मुश्किल हो रहा है। भारी बारिश या तूफान में बिजली आपूर्ति प्रभावित हो जाती है तथा इसे बहाल करने में कर्मचारियों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ती है। क्षेत्र के लोगों ने बिजली बोर्ड को कर्मचारियों के रिक्त पदों को जल्द भरने की मांग उठाई है। विद्युत उपमंडल बड़सर में छह सेक्शन मैहरे, गारली, हरसौर, दांदडू, बुंबलू तथा मेन लाइन में बिजली आपूर्ति सुचारु रखने के लिए लगभग साढ़े पांच दर्जन पद स्वीकृत हैं।
इनमें से 30 पद खाली चल रहे हैं। हालांकि, बोर्ड ने एक साल पहले 16 टी मेट के पद अनुबंध आधार पर भरे हैं। उपमंडल में सबसे अधिक लाइनमैनों के लगभग 25 पद रिक्त चल रहे हैं तथा मात्र 16 लाइनमैन कार्यरत हैं। इसके अलावा फोरमैन के पांच में से दो पद तथा इलेक्ट्रिशियन के तीनों पद रिक्त हैं। उपमंडल के तहत हमीरपुर से बड़सर तथा ऊना से बड़सर 33 केवी की लगभग 46 किमी. लंबी लाइन की देखरेख का जिम्मा विद्युत कर्मचारियों के हवाले है। इसके अलावा मैहरे से सब केंद्रों के लिए 11 केवी की लगभग 130 किमी. लाइन तथा 165 ट्रांसफार्मर की देखरेख का जिम्मा भी इन्हीं कर्मचारियों के पास है। कर्मचारियों की कमी के चलते विद्युत लाइन का रखरखाव करना मुश्किल है। तकनीकी कर्मचारियों के रिक्त पदों भरने से समस्या का समाधान हो पाएगा।
सहायक अभियंता विद्युत बोर्ड बड़सर एचएस पठानिया का कहना है कि तकनीकी कर्मचारियों में लाइनमैन की कमी है। जबकि अनुबंध आधार पर टीमेट की नियुक्तियां पहले हो चुकी हैं। बोर्ड की ओर से जल्द ही नई नियुक्तियां की जा रही हैं। जिससे तकनीकी कर्मचारियों की कमी नहीं रहेगी। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति बहाल रखने में बोर्ड अधिकारियों की सूझबूझ और कर्मचारियों का भरपूर सहयोग मिल रहा है।